भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। कमर दर्द, नसों और घुटनों की समस्याओं में अब डॉक्टर इंजेक्शन लगाते समय प्रभावित हिस्से को सीधे कैमरे से देख सकेंगे। 7-स्टार नीडलस्कोप तकनीक के जरिए इस आधुनिक चिकित्सा पद्धति की शुरुआत भारत में पहली बार रुद्रपुर से किए जाने का दावा किया गया है। एचबी हॉस्पिटल में 30 और 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विशेष चिकित्सा शिविर में इस तकनीक के उपयोग और संभावनाओं पर विशेष जोर रहेगा। शिविर में फ्रांस के चिकित्सा विशेषज्ञ भी सहयोग करेंगे।
डॉ. हिमांशु बंसल के नेतृत्व में आयोजित शिविर में हड्डियों, जोड़ों, रीढ़ और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और आधुनिक उपचार विकल्पों की जानकारी दी जाएगी। मरीजों की स्थिति के अनुसार जांच कर उपचार की उपयुक्त पद्धति तय की जाएगी।
इंजेक्शन के साथ दिखेगा प्रभावित हिस्सा
डॉ. हिमांशु बंसल के मुताबिक, अब तक रीढ़ की डिस्क, नसों या घुटने के भीतर इंजेक्शन लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड अथवा सी-आर्म एक्स-रे की मदद से स्थान का अनुमान लगाया जाता था। नीडलस्कोप तकनीक में सुई के भीतर लगे सूक्ष्म कैमरे से प्रभावित संरचनाओं को सीधे देखने में मदद मिल सकती है। इससे चुनिंदा प्रक्रियाओं में अधिक सटीकता के साथ इंजेक्शन लगाने और लक्षित उपचार की योजना बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
डॉ. बंसल ने कहा, “अब तक इंजेक्शन लगाते समय हमें अल्ट्रासाउंड या सी-आर्म एक्स-रे के आधार पर दिशा तय करनी पड़ती थी। इस तकनीक में सुई के भीतर लगे कैमरे से प्रभावित हिस्से को सीधे देखने की सुविधा मिल सकती है। हम इस आधुनिक पद्धति को भारत में पहली बार रुद्रपुर के माध्यम से शुरू करने जा रहे हैं।”
चिकित्सकों के अनुसार, इस तकनीक का इस्तेमाल मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय जरूरत के आधार पर किया जाएगा। इसका उद्देश्य अनावश्यक चीर-फाड़ कम करने और उपचार को अधिक लक्षित बनाने की संभावनाओं का आकलन करना है।
यहां करें संपर्क: एचबी हॉस्पिटल, रुद्रपुर। पंजीकरण एवं जानकारी के लिए 9897080188, 9411167108 पर संपर्क करें।




