Tuesday, October 27, 2026

यूपी-पंजाब समेत 5 राज्यों में चुनाव से पहले चलेगी तबादला एक्स्प्रेस, बड़े अधिकारियों का होगा ट्रांसफर

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व पंजाब सहित पांच राज्यों में 2027 के शुरूआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने चुनाव कार्य से जुड़े ऐसे सभी अधिकारियों के तबादले के निर्देश दिए है, जो गृह जिले में पदस्थ है या फिर एक ही जिले में पिछले चार सालों में तीन सालों से पदस्थ है।

इस अवधि की गणना उत्तराखंड,पंजाब, गोवा और मणिपुर में 31 मार्च 2027 से होगी, जबकि उत्तर प्रदेश में 31 मई 2027 से इसकी गणना करने के निर्देश दिए गए है। आयोग ने इसके साथ ही पांचों चुनावी राज्यों के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक से 30 नवंबर तक इसकी अमल रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।

 

चुनाव आयोग की यह कवायद वैसे तो चुनाव से पहले अपनायी जाने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन इस बार आयोग ने अपनी तबादला नीति में एक अहम बदलाव भी किया है, जिसमें चुनाव प्रक्रिया से जुड़े ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों को भी हटाने के निर्देश दिए है, जो पिछले विधानसभा या उपचुनाव के दौरान उसी जिले में या फिर निर्वाचन क्षेत्र में पदस्थ थे।

आयोग के इस आदेश के दायरे में जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ), रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ), अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, बीडीओ, संभागीय और नगर आयुक्त जैसे जिला स्तरीय अधिकारी आएंगे। इसके अतिरिक्त उपनिरीक्षक से लेकर आइजी व एडीजी स्तर के अधिकारी तथा आबकारी व परिवहन विभाग के उप निरीक्षक या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे।

 

आयोग ने राज्य मुख्यालयों में तैनात अधिकारियों को इस आदेश से छूट दी है। साथ ही चुनाव कार्य से न जुड़े कर्मचारियों, जैसे डाक्टर, इंजीनियर व शिक्षकों को भी इससे बाहर रखा है। साथ ही इन राज्यों में चल रहे मतदाता सूची के पुनरीक्षण को देखते हुए इसमें लगे अमले को फिलहाल अंतिम मतदाता सूची आने तक तबादले से दूर रखने के निर्देश दिए हैं।

 

आयोग ने जिन पांच राज्यों को लेकर यह आदेश दिया है, उनमें से उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को, उत्तराखंड विधानसभा का 28 मार्च 2027, पंजाब विधानसभा का 16 मार्च 2027, गोवा विधानसभा का 14 मार्च 2027 व मणिपुर विधानसभा का 13 मार्च 2027 को समाप्त हो रहा है।

 

वैसे तो विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही सभी राज्यों में चुनाव करा लिए जाते है, लेकिन जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत चुनाव आयोग इसे छह महीने पहले भी करा सकता है।

 

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.