भोंपूराम खबरी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर पूर्व मिस स्विट्जरलैंड बीट्रिस केउल ने बलात्कार का आरोप लगाया है। अमेरिकी हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेटिक सदस्यों की 53 पन्नों की एक रिपोर्ट में केउल के बयान का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, केउल ने आरोप लगाया कि नवंबर 1993 में अटलांटिक सिटी के प्लाजा होटल में ट्रम्प ने उनके साथ जबरन यौन संबंध बनाए। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनकी ड्रेस फट गई और उन्हें चोटें आईं। हालांकि, ट्रम्प ने इन आरोपों में किसी भी गलत काम से इनकार किया है और व्हाइट हाउस ने रिपोर्ट को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
ट्रम्प पर क्या हैं पूर्व मिस स्विट्जरलैंड के आरोप?
रिपोर्ट के अनुसार, बीट्रिस केउल ने डेमोक्रेटिक सांसदों के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि वर्ष 1993 में डोनाल्ड ट्रम्प ने उनके साथ बेहद क्रूर तरीके से बलात्कार किया था। केउल के मुताबिक, यह घटना अटलांटिक सिटी स्थित ट्रम्प के प्लाजा होटल के एक कमरे में हुई थी। उनका दावा है कि ट्रम्प से मुलाकात से पहले वह जेफरी एपस्टीन के साथ भी कुछ समय बिता चुकी थीं।
केउल ने बताया कि ट्रम्प से उनकी पहली मुलाकात न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल में एक सौंदर्य प्रतियोगिता के दौरान हुई थी। उस समय होटल का स्वामित्व ट्रम्प के पास था। केउल के अनुसार, ट्रम्प ने उनसे वीजा की व्यवस्था कराने और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) में दाखिला दिलाने में मदद करने का वादा किया था।
‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, केउल का आरोप है कि ट्रम्प से मुलाकात के दौरान एपस्टीन ने भी उनसे संपर्क किया था। उसने कथित तौर पर खुद को ट्रम्प का करीबी दोस्त बताया और उन्हें फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो में एक पार्टी में आने का न्योता दिया था।
कपड़े फटे थे, खून बह रहा था’: रिपोर्ट में क्या दावा?
हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेटिक सदस्यों की रिपोर्ट के मुताबिक, केउल ने आरोप लगाया कि ट्रम्प के एक प्रतिनिधि ने उन्हें प्लाजा होटल की ऊपरी मंजिल पर मिलने के लिए बुलाया था।
रिपोर्ट में केउल के बयान के हवाले से दावा किया गया है कि वहां ट्रम्प ने उन्हें पीछे से पकड़कर जबरन बलात्कार किया। केउल के अनुसार, इस दौरान उनकी ड्रेस फट गई और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं तथा खून बहने लगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, केउल ने इस घटना को ‘बेहद क्रूर’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद ट्रम्प ने उन्हें बिस्तर के किनारे बैठाया और वीजा तथा NYU में दाखिले में मदद करने के अपने वादे दोहराए। केउल का दावा है कि ट्रम्प ने उनसे चुप रहने को कहा और कथित तौर पर ‘शो तो चलता रहना चाहिए’ जैसी टिप्पणी की।
ये आरोप डेमोक्रेटिक सांसदों की रिपोर्ट में दर्ज बयानों पर आधारित हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से साबित किए गए तथ्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
व्हाइट हाउस ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश
व्हाइट हाउस ने डेमोक्रेटिक सांसदों की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता ने इसे डेमोक्रेट्स की हताश कोशिश बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ट्रम्प प्रशासन की उपलब्धियों से अमेरिकी जनता का ध्यान भटकाना है।
ट्रम्प पहले भी अपने खिलाफ लगाए गए यौन दुराचार के आरोपों को खारिज करते रहे हैं। इस मामले में भी आरोपों और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच विवाद जारी है।
डेमोक्रेट्स ने की स्वतंत्र जांच की मांग
हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी में डेमोक्रेटिक सदस्यों के वरिष्ठ सदस्य जेमी रस्किन ने न्याय विभाग (DOJ) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि विभाग राष्ट्रपति को बचाने के लिए एपस्टीन से जुड़े मामले की पूरी जांच नहीं कर रहा है।
हालांकि, डेमोक्रेटिक सांसदों ने खुद माना है कि ट्रम्प प्रशासन के तहत न्याय विभाग से स्वतंत्र विशेष वकील की नियुक्ति की उम्मीद कम है। इस पूरे मामले में व्हाइट हाउस ने आरोपों को खारिज किया है, जबकि डेमोक्रेट्स निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग पर कायम हैं।




