8.1 C
London
Monday, April 15, 2024

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्वनाथ राय की लगेगी मूर्ति

- Advertisement -spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्वनाथ राय की मूर्ति अशोक लीलैंड के सामने मटकोटा रोड पर स्थापित होगी जिसका अनावरण 14 मार्च को किया जाएगा ।जानकारी देते हुए उनके पुत्र अवकाश प्राप्त कर्नल प्रमोद शर्मा ने बताया की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व सांसद विश्वनाथ राय का जन्म 10 दिसंबर 1906 को हुआ था। वर्ष 1932 में उन्होंने विधि की शिक्षा पूरी की और शहीद भगत सिंह के दल में शामिल हो गए। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह में भाग लिया ।जिस पर फिरंगी सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया तथा 8 वर्ष देश की विभिन्न जेलों में कैद रखकर उन्हें यातनाएं दी। आजाद भारत में वर्ष 1952 से 1977 तक 25 वर्ष वह सांसद रहे। पचास व साठ के दशक सांसद रहते हुए उन्होंने भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत के सानिध्य में बाजपुर और किच्छा चीनी मिल के विकास के लिए प्रयास किया ।वही पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के लिए विशेष पैकेज के लिए निरंतर प्रगतिशील रहें ।1958 में पंतनगर हवाई अड्डे के लिए उन्होंने संसद में प्रश्न किए। 70 के दशक में वह श्रम व पुनर्वास मंत्री के रूप में बुक्सा जनजाति, बांग्लादेश के विस्थापितों और श्रमिकों आदि की दशा सुधारने के अथक प्रयास करते रहे। काठगोदाम बरेली बड़ी रेलवे लाइन के लिए लगातार रेल मंत्रालय के संपर्क में रहे। गन्ने के शीरे से जैविक ईंधन इथेनॉल बनाने का पुरजोर समर्थन किया, जो वर्तमान में कानून बन चुका है। शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के तराई व पर्वतीय क्षेत्रों में भी उन्होंने विकास किया। किसानों व श्रमिकों की उपज के दामों के लिए संसद के अंदर व संसद के बाहर लगातार संघर्ष करते रहे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व सांसद रहे विश्वनाथ राय हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के भी सदस्य रहे। 27 अगस्त 1984 को बनारस के गंगा घाट पर उनका स्वर्गवास हुआ। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्वनाथ राय के विचार थे कि विश्व में मानव द्वारा मानव का शोषण न हो ।उनके पुत्र प्रमोद शर्मा ने बताया कि 14 मार्च को अशोक लीलैंड के सामने मटकोटा रोड पर उनकी प्रतिमा स्थापित कर उस का अनावरण किया जाएगा।

Latest news
Related news
- Advertisement -spot_img

Leave A Reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Translate »