Monday, August 31, 2026

बेहड़ के धरने के बाद किसानों की आरसी काटने के आदेश निरस्त

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भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर।  शासन द्वारा सहकारी समितियों को बकायेदार किसानों पर 95क की कार्यवाही कर आरसी जारी करने के निर्देश दिए जाने के खिलाफ पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ धरने पर बैठ गए। बेहड़ ने प्रशासन को इस कार्रवाई के आदेश के लिए आड़े हाथ लिया। प्रशासन द्वारा किसानों से वसूली के आदेश को निरस्त करने के बाद ही बेहड़ धरने से उठे।

अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत प्रातः 11 बजे बेहड़ अपने दर्जनों समर्थकों सहित कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय जा धमके। सभी यहाँ दरियां बिछाकर बैठ गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर आग उगली। बेहड़ ने कहा कि शासन ने अभी तक गन्ने और धान की फसल का भुगतान किसानों को नहीं दिया है। किसान अपने भुगतान लेने के लिए भटक रहा है और उनके जख्म के ऊपर नमक छिड़कते हुए जिला निबंधक को किसानों से ऋण वसूली के आदेश दे दिए गए। यही नहीं पचास हजार रुपये से अधिक के बकायेदार किसान की आरसी काटने के आदेश दे दिए गए। यह नाइंसाफी है और इससे जाहिर है कि भाजपा सरकार को देश के अन्नदाता किसान से कोई सरोकार नहीं है। धरने पर बैठे बेहड़ को मनाने पहुंचे एसडीएम विशाल मिश्रा व तहसीलदार अमृता शर्मा को भी बेहड़ की नाराजगी झेलनी पड़ी। इसके बाद एसडीएम ने डीएम रंजना राजगुरु से वार्ता कर बेहड़ को बताया कि किसानों से ऋण वसूली का आदेश निरस्त कर दिया गया और साथ ही एक सप्ताह के भीतर किसानों के लंबित भुगतान अदा कर दिए जायेंगे।

लिखित में आदेश की प्रति प्राप्त करने के बाद बेहड़ ने दो घंटे चला अपना धरना समाप्त किया। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्षा मीना शर्मा, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा, कांग्रेस नगराध्यक्ष जगदीश तनेजा, सुभाष बेहड़, अनिल शर्मा, अशोक चुघ, दलीप अधिकारी, परिमल राय, हरीश बावरा, दिनेश पन्त, डॉ सुमित राय, रमाधारी गंगवार, जगदीश कर्मकार, सरोज सटी, चंद्रशेखर डब्ल्यू, विक्रमजीत सिंह,उम्र अली, सीमा सिंह, मोनिका ढाली, उमा सरकार अबरार अहमद, आमिर हुसैन, बबिता बैरागी आदि तमाम लोग साथ थे।

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