9.5 C
London
Wednesday, February 21, 2024

इस ग्रह की धरती पर पिघलता है लोहा और होती है आयरन बरसात

- Advertisement -spot_img
spot_img
spot_img

भोंपूराम खबरी।

इस ग्रह की धरती पर पिघलता है लोहा और होती है आयरन बरसात

पृथ्वी पर मौसम के विविध रंग तो आपने खूब देखे होंगे और शायद तेजाबी बारिश के बारिश के बारे में भी सुना होगा, जो वीनस की धरती पर होती है, लेकिन भाप बनकर लोहे की बारिश भी होती है, यह कभी नही सुना होगा। जी हां यह सच है कि हमारे सौरमंडल के बाहर एक ग्रह ऐसा भी है, जहां लोहा भाप बनकर बरसा करता है। इस ग्रह पर तापमान इसकदर है कि लोहा पिघलना आम बात है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में इस ग्रह की खोज की है और अविश्वनीय लगने वाला सच उजागर किया है।

खोजकर्ता वैज्ञानिकों के अनुसार इस ग्रह का नाम डब्लू एस पी है-76 बी है।

हमारे सौरमंडल से बाहर के इस ग्रह की कई चरणों में जांच पड़ताल की तो नतीजे चौंकाने वाले ही सामने आए। इसका तापमान 2,400 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ता है, जो लोहे को वाष्पीकृत यानी लोहे को पिघलाने क्षमता रखता है। हमारे सौर मंडल में कोई भी ग्रह इतना गर्म नही है। वीनस सार्वाधिक गर्म ग्रह है, जिसका तापमान चार सौ डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचता है। अत्यधिक गर्म इस ग्रह को लेकर खोजकर्ताओं का कहना है कि इसके वातावरण में 11 रासायनिक तत्व मौजूद हैं, जो इसे हद से अधिक गर्म बनाते हैं। जिस कारण इसे अल्ट्रा-हॉट वाष्पीकृत चट्टान का ग्रह कहा जा सकता है। यूनिवर्सिटी डी मॉन्ट्रियल ट्रॉटियर इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च ऑन एक्सोप्लैनेट्स स्टीफन पेलेटियर के नेतृत्व में इस ग्रह की खोज की गई। वह कहते हैं कि यह वास्तव दुर्लभ ग्रह है , जो हमारी कल्पना से परे है। यह खोज हमें बहुत कुछ सिखाती है। यह ग्रह मीन नक्षत्र में लगभग 634 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है। इस ग्रह को अपने तारे की परिक्रमा करने में 1.8 पृथ्वी दिवस का समय लगता है। वास्तव में यह असाधारण बाहरी ग्रह है। इसका ग्रह का द्रव्यमान बृहस्पति के द्रव्यमान का लगभग 85 प्रतिशत है। यह खोज 14 जून के नेचर विज्ञान पत्रिका में प्रकाशित हो चुकी है।

खोजकर्ता वैज्ञानिक टीम को पहली बार हमारे सौरमंडल से बाहर किसी अन्य ग्रह वैनेडियम ऑक्साइड मिला है। जिस कारण इस ग्रह की खोज महत्वपूर्ण हो जाती है। वैनेडियम ऑक्साइड नामक रासायनिक यौगिक का मिलना इस खोज को दुर्लभ बनाता है। यह रसायन गर्म विशाल ग्रहों पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। बहरहाल इस ग्रह पर रिसर्च जारी रहेगी। खगीलविदों का मनाना है कि इस ग्रह से कई और नई जानकारी सामने आ सकती हैं।

श्रोत व फोटो: स्पेस डॉट कॉम

Latest news
Related news
- Advertisement -spot_img

Leave A Reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Translate »