
भोंपूराम खबरी। उत्तराखण्ड को नशामुक्त बनाने के संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने की दिशा में कुमायूँ पुलिस ने एक बार फिर ऐसी प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है जिसने स्पष्ट कर दिया है कि देवभूमि में नशे के अवैध कारोबारियों के लिए अब कोई स्थान शेष नहीं बचा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के फ्ड्रग्स फ्ी उत्तराखण्ड 2025य् के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र रिधिम अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में चलाया जा रहा अभियान अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गया है। आईजी की इस सख्त रणनीति ने न केवल अपराधियों के भीतर खौफ पैदा किया है, बल्कि पुलिस के इस कड़े संदेश को भी साफ कर दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति नशा बेचने के काले कारोबार में संलिप्त पाया गया तो उसे पूरी तरह बर्बाद कर दिया जाएगा।कुमायूँ पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन टास्क फोर्स और औषधि नियंत्रक विभाग की संयुक्त टीम ने बीती देर रात कोतवाली बनभूलपुरा क्षेत्र में एक बेहद सटीक और सुनियोजित ऑपरेशन को अंजाम दिया। खुफिया सूचना के आधार पर टीम ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा स्थित मेडिकल स्टोर पर अचानक धावा बोला। रात के सन्नाटे में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई ने नशे के सौदागरों को संभलने का मौका तक नहीं दिया और पुलिस ने स्टोर संचालक को प्रतिबंधित नशीली दवाओं के भारी जखीरे के साथ रंगे हाथों दबोच लिया। जांच के दौरान टीम को मेडिकल स्टोर के भीतर से बिना किसी वैध दस्तावेज के रखे गए 20 ब्यूप्रेनोरफिन आईपी इंजेक्शन, 113 ट्रामाडोल कैप्सूल और 360 एल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुई, जो युवाओं की नसों में जहर घोलने के लिए अवैध रूप से संग्रहित की गई थीं।नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाने वाले इस मेडिकल स्टोर पर कानून का कड़ा प्रहार करते हुए ड्रग इंस्पेक्टर ने तत्काल प्रभाव से स्टोर को सीज कर दिया है। ड्रग एक्ट के नियम 65 के उल्लंघन में हुई इस कार्रवाई के बाद अब संबंधित के विरुद्ध कठोर वैधानिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया तेजी से अमल में लाई जा रही है। आईजी रिधिम अग्रवाल ने इस सफलता के बाद पूरे परिक्षेत्र के ड्रग माफियाओं को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि नशे के विरुद्ध यह जंग केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सतत और निर्णायक युद्ध है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हर जनपद में संदिग्ध ठिकानों और बॉर्डर क्षेत्रें में कड़ी निगरानी व छापेमारी जारी रखी जाए ताकि देवभूमि की पवित्रता को इन तस्करों के हाथों दूषित होने से बचाया जा सके।




