
भोंपूराम खबरी। आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्डा ने शुक्रवार के AAP के राज्यसभा संसदीय दल का बीजेपी में विलय का ऐलान कर दिया है। राघव चड्डा ने शुक्रवार को राजधानी नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह दो-तिहाई सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।

मीडिया को राघव चड्डा ने बताया कि उनके संदीप पाठक और अशोक मित्तल के अलावा हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम सहनी और राजिंदर गुप्ता भी बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इन नेताओं के बीजेपी में शामिल होने पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पंजाब
सरकार पर ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाया जा रहा है। ‘ऑपरेशन लोटस’ को अंजाम देने के लिए ED और CBI का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता इन ‘गद्दारों’ को कभी नहीं भूलेगी।
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक तीनों सांसदों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते आरोप लगाए। साथ ही, उन्होंने अरविंद केजरीवाल हुए आम आदमी पार्टी पर गंभीर को ‘धन्यवाद’ भी कहा। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी अब देशहित के काम नहीं कर रही है। यह पार्टी अपने पर्सनल हित के लिए काम कर रही है। मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं। हम अपना करियर बनाने के लिए राजनीति में नहीं आए थे।
हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के लिए काम करेंगे’
राघव चड्ढा ने कहा कि पिछले 12 सालों में भाजपा की केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कई ऐसे फैसले लिए हैं, जो कि आज से पहले कई ने लेने से डरते थे। इस नेतृत्व पर जनता ने एक बार नहीं, बल्कि तीन बार मुहर लगाई है। हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के लिए काम करेंगे।
राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने आम आदमी पार्टी को ने अपने खून-पसीने से सींचा, लेकिन अब यह पार्टी देशहित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है। उनके मुताबिक, उन्हें लगातार महसूस हो रहा था कि “I am right man in wrong party इसलिए उन्होंने पार्टी से दूर होने का फैसला लिया. खुद को पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद ही कोई उन्हें जितना पार्टी को समझता हो ।
चड्ढा ने बताया क्या कहता है संविधान? ने
वर्तमान में AAP के पास राज्यसभा में 10 सांसद हैं, जिनमें से अधिकांश पंजाब से हैं। चड्ढा ने कहा कि संविधान के अनुसार, किसी पार्टी के कुल सांसदों में से दो-तिहाई सांसद दूसरी पार्टी में विलय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने इस संबंध में आज राज्यसभा अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन को पत्र सौंप खबर दिया है। साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेज भी सौंप दिए हैं। यदि चड्ढा ने अकेले इस्तीफा दिया होता, तो दल-बदल विरोधी कानून के तहत उनकी राज्यसभा सदस्यता तुरंत रद्द हो जाती। संविधान के अनुसार, राज्यसभा सदस्य को अयोग्यता से तभी सुरक्षा प्राप्त होती है जब पार्टी के कम से कम दो-तिहाई विधाय किसी अन्य पार्टी के साथ विलय के लिए सहमत हो।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए राघव चड्ढा ने कहा, “राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सांसद हैं। इनमें से दो-तिहाई से ज़्यादा हमारे साथ हैं।
उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं और आज सुबह ह हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज़ राज्य सभा के सभापति को सौंप दिए। इनमें से तीन यहां आपके सामने मौजूद हैं। हमारे अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं। “




