
भोंपूराम खबरी। महंत बिशम्बर गिरी की रहस्यमय परिस्थितियों में गुमशुदगी से उनके शिष्य और भक्तजन परेशान हैं। अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर स्थित एड़ाद्यो धाम में बड़ी संख्या में भक्तों की आस्था है। यहां हर साल पूजा-अर्चना और आशीर्वाद लेने हजारों भक्त पहुंचते हैं। मंदिर की देखरेख आदि महंत श्री बिशम्बर गिरी महाराज करते हैं। धाम में ही रहने वाले शंकर सिंह के मुताबिक महंत पांच जनवरी को धाम से करीब आधा किमी की दूरी पर अपनी कार से चंडी माता के मंदिर गए थे। यहां उन्होंने माता मंदिर के महंत से मुलाकात भी की। इसके बाद से वह वापस नहीं लौटे। छह जनवरी को उन्होंने पुलिस को गुमशुदगी की तहरीर दे दी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने उनकी जगह-जगह तलाश की, लेकिन कहीं से भी उनका सुराग नहीं लग पाया। ऐसे में अब ग्रामीण महंत के साथ अनहोनी होने की आशंका जता रहे हैं। महंत के लापता होने के 18 दिन बाद पुलिस ने बुधवार को गुमशुदगी दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि सभी एंगल से जांच के साथ उनकी तलाश की जा रही है। उम्मीद है उन्हें जल्द ढूंढ लिया जाएगा। इधर सोमेश्वर कोतवाली प्रभारी मदन मोहन जोशी के मुताबिक महंत के लापता होने की सूचना छह जनवरी को मिली थी। इसके बाद से पुलिस उन्हें तलाश रही थी। पुलिस को उम्मीद थी कि उन्हें तलाश लिया जाएगा, लेकिन उनका कहीं भी सुराग नहीं लगा। अब पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली है। टीमें अब भी उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।

कार में लगी मिली चाबी
महंत की गुमशुदगी से पुलिस में भी हड़कंप मचा हुआ है। शंकर सिंह के मुताबिक पांच जनवरी को जब वह चंडी माता मंदिर गए थे तो वहां के महंत से कुछ देर में वापस आने की बात कही थी। इसके बाद वह अपनी कार में ही चाबी छोड़ और दरवाजा खोल लापता हो गए थे। इस दौरान उनके फोन पर संपर्क किया गया तो वह बंद मिला। इसके बाद से उनका फोन ऑन नहीं हुआ।
आशंकित हैं लोग
सोमेश्वर से महंत के एकाएक लापता होने पर लोगों ने वन्य जीव के हमले की आशंका जताई थी। इसी आशंका को देखते हुए जंगल जाने वाली महिलाओं, वन विभाग की टीमों, पुलिस और ग्रामीणों ने उनकी आसपास के जंगलों में तलाश की। लेकिन महंत से जुड़ा कोई भी सुराग नहीं मिला। इससे वन्य जीव हमले की संभावना कम नजर आई।


