
भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के प्रसिद्ध श्री धन्वंतरी धाम Herbal World, माला में वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय पर्यटकों के लिए एक अद्भुत और विस्मयकारी घटना हुई। वहाँ पहली बार एक “जंगल का राजा” यानी शेर (Lion) दिखाई दिया — ऐसी घटना जो राज्य के इन क्षेत्रों में अब तक कभी आधिकारिक रूप से रिपोर्ट नहीं हुई थी।

Herbal World के आस-पास पहले से ही कई जंगली प्रजातियाँ देखी जाती रही हैं — जिनमें तेंदुआ (Leopard), भालू (Bear), अजगर (Python) — और हिरण, खरगोश, बंदर तथा लंगूर आदि शामिल हैं। पशु तथा पक्षी विविधता में वृद्धि के बाद अब यहाँ के वन क्षेत्र में यह दुर्लभ शेर का अवलोकन वैज्ञानिक और स्थानीय समुदाय दोनों के लिए हैरान कर देने वाला पल रहा।
विशेष रूप से यह माना जा रहा है कि यह जंगली प्राणी अकेला था और उसने इस पहाड़ी क्षेत्र में स्वतः प्रकट होकर वन्यजीव संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया, जिससे यह संदेश मिलता है कि अगर हम प्रकृति और जैव विविधता का संरक्षण करते हैं, तो प्रकृति अपने दैवीय रूप से आश्चर्यजनक क्षण प्रदान करती है।
अस्थायी रूप से शेरों का विस्तृत जीवन मुख्य रूप से गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में ही देखा जाता है, जहाँ एशियाई शेर (Asiatic Lion) की आबादी में हाल के आंकड़ों के अनुसार लगातार वृद्धि हो रही है और 2025 की गिनती में यह संख्या लगभग 891 तक पहुँच गई है — जो पिछले वर्षों में संरक्षण प्रयासों का प्रतिफल है।
हालाँकि, उत्तराखंड या हिमालयी क्षेत्रों में शेर के स्थायी रूप से देखे जाने की आधिकारिक पुष्टि पहले नहीं मिली है। स्थानीय वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार शेर की यह उपस्थिति असामान्य और अनूठी मानी जा रही है, और इसे राज्य के वन्यजीव आंदोलन और संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।


