Friday, January 9, 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘VIP’ हस्तियों की जांच और गिरफ्तारी की मांग को लेकर गठित “अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच” ने 11 जनवरी को “उत्तराखंड बंद” का आह्वान किया

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भोंपूराम खबरी। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘VIP’ हस्तियों की जांच और गिरफ्तारी की मांग को लेकर गठित “अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच” ने 11 जनवरी को “उत्तराखंड बंद” का आह्वान किया।

मंच के नेताओं ने प्रेस क्लब देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि सरकार जांच में पारदर्शिता नहीं बरत रही है और ‘VIP’ को बचाने की कोशिश हो रही है।

महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा कि निचली अदालत के जजमेंट में ‘VIP’ और ‘स्पेशल सर्विस’ को लेकर उल्लेख है तथा अंकिता की व्हाट्सऐप चैट में भी ‘VIP गेस्ट’ का जिक्र दिखाई देता है, लेकिन SIT ने इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई। कमला पंत ने कहा कि “अंकिता भंडारी मामले की ‘उत्तराखंड की एप्स्टीन फ़ाइल’ भी खुलेगी, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी इस मामले में दिखाई दे रहे हैं।” मंच ने कहा कि वह लंबी लड़ाई के लिए तैयार है और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं ‘VIP गिरफ्तारी’ की मांग जारी रखेगा।

 

युवा नेता मोहित डिमरी ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार ‘VIP अपराधियों’ को बचाने की कोशिश कर रही है तथा मुख्यमंत्री द्वारा परिवार से किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं हुए।

 

यूकेडी उपाध्यक्ष शांति भट्ट ने दावा किया कि जांच शुरू से भटकाई गई क्योंकि कथित रूप से कुछ नाम सत्तारूढ़ दल से जुड़े होने की चर्चा रही है। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना इष्टवाल ने कहा कि इस मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था और CBI जांच की मांग उठी थी, पर सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया।

 

मंच की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि

• उर्मिला सनावर का भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार के साथ एक दिन में देखा जाना,

• दर्शन भारती द्वारा सनावर के ऑडियो बयान को भटकाना और

• दर्शन भारती का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ दिखना

जैसी घटनाओं ने संदेह बढ़ाया है। मंच के अनुसार इससे ‘VIP अपराधियों को बचाने की बड़ी साजिश’ का संकेत मिलता है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी उपलब्ध नहीं है।

 

मंच ने आरोप लगाया कि

• गठित SIT ने ‘VIP एंगल’ की जांच नहीं की,

• रिसॉर्ट के कमरे ढहाने जैसी घटनाओं में सबूत छिपाए गए

लेकिन ऐसे आरोपों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 

मंच ने दावा किया कि आंदोलन को लगातार सामाजिक व राजनीतिक समर्थन मिल रहा है, जिसमें कांग्रेस पार्टी का समर्थन भी शामिल बताया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गढ़वाल सभा के गजेंद्र भंडारी, उत्तराखंड महिला मंच की निर्मला बिष्ट, भारत ज्ञान विज्ञान समिति की डॉ. उमा भट्ट, उत्तराखंड समतानता पार्टी के टी.एस. नेगी, अखिल भारतीय समानता मंच के प्रदेश अध्यक्ष वी.के. धस्माना आदि लोग उपस्थित थे ।

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