Saturday, September 5, 2026

यहां बंगाली समाज ने निकाली भाजपा विधायक के पुतले की शव यात्रा

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भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान द्वारा विधानसभा में चर्चा के दौरान बंगाली समाज के प्रति दिये गये वक्तव्य के बाद से बंगाली समाज में पनपा रोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज बंगाली समाज के वरिष्ठ नेता परिमल राय के नेतृत्व में समाज के सैकड़ों महिला पुरूषों ने ट्रांजिट कैम्प में विधायक मुन्ना चौहान के पुतले की शव यात्रा निकाल कर पुतले को आग के हवाले किया। इससे पूर्व बंगाली समाज के सैकड़ों लोग गोविन्द मंदिर के समक्ष एकत्रित हुए।

जहां उन्हें सम्बोधित करते हुए परिमल राय ने कहा कि लगता है विधायक मुन्ना चौहान को बंगाली समाज के इतिहास की कोई जानकारी नहीं है या फिर उन्होंने एक सोची समझी साजिश के तहत यह वक्तव्य दिया है। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाती है तो वहीं दूसरी ओर उसके विधायक अलगाववाद की बात करते हैं। परिमल ने कहा कि बंगाली समाज पिछले कई दशकों से नमोः, शूद्र, व पोंड़ जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के लिए संघर्ष कर रहा है। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में प्रस्ताव पारित कर केन्द्र सरकार को भेजा भी जा चुका है लेकिन यह मामला आज भी लम्बित रखा गया है। श्री राय ने कहा कि बंगाली समाज ऐसे किसी भी वक्तव्य को बर्दाश्त नहीं करेगा जिससे उसके स्वाभिमान को ठेस पहुंचती हो। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक विधान एक निशान का नारा भी आज खोखला साबित हो रहा है। बंगाली समाज हमेशा एकजुट रहा है और रहेगा। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार द्वारा पूर्वी पाकिस्तान व बंगाल से यहां आये बंगाली समाज के लोगों को भूमि देकर विस्थापित किया गया था। जिसके बाद से समाज के लोगों ने यहां के विकास में हमेशा योगदान किया। साथ ही देश की आजादी के दौरान भी बंगाली समाज के योगदान को कभी नहीं भ्ुाुलाया जा सकता है। लेकिन विधायक चौहान जानबूझकर इससे अंजान बनने की कोशिश कर रहे हैं। परिमल राय ने विधायक मुन्ना सिंह चौहान से अपने दिये गये वक्तव्य के लिए सार्वजनिक रूप से बंगाली समाज से माफी मांगने और प्राश्चयित के रूप विधायक पद से इस्तीफा देने की मांग की। इस दौरान अन्य कई वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। इसके बाद सभी लोग विधायक मुन्ना चौहान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके पुतले की शव यात्रा लेकर निकल पड़े। जोे गोबिन्द मंदिर से प्रारम्भ होकर क्षेत्र के कई मुख्य मार्गों से होकर गुजरती हुई वापस गोबिन्द मंदिर पहुंची जहां नारेबाजी के साथ विधायक चौहान के पुतले को आग के हवाले किया गया। इस दौरान नन्दशेखर गांगुली, भरत विश्वास, केरू मंडल, अमल सरकार, बाबू सरदार, रामपद मिस्त्री, मोती बाला, गौतम सिकदार, ब्रजेन मिस्त्री, शुभम दास, अर्जुन विश्वास, विराज साह, पिंटू राय, गोपी मंडल, संजीत सरकार, सुशीला, सरिता, सावित्री, झरना रानी, कुसुम देवी, ललिता साह, वासु साह, मिथुन साह, बिस्टू मंडल, अमल राय, सि(ार्थ सरकार, खोखन बाछाड़, परिमल सरकार, पूरन साना, शुभम मंडल, शम्भू साह, तपन गोलदार, मंगल मंडल, रतन, कमल, मंगल सरदार, गोपी हालदार, मनोरंजन मजूमदार सहित बंगाली समाज के सैकड़ों लोग मौजूद थे।

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