Monday, August 31, 2026

तराई के किसानों ने गाजीपुर में तेज किया आंदोलन

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भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर।  तराई के किसानों द्वारा लागू कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग साढ़े पांच माह से दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किया जा रहा प्रदर्शन बदस्तूर जारी है। सरकार के अड़ियल रवैये के बावजूद किसानों के हौसले में कोई कमी नहीं आई है। संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता व तराई के बड़े किसान नेता जगतार सिंह बाजवा के नेत्रित्व में किसानों ने गढ़मुक्तेश्वर के विभिन्न गांव में किसानों से संपर्क कर अपने आंदोलन के लिए समर्थन जुटाया।

यहाँ बाजवा ने कहा कि किसान वर्तमान समय में दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। जहां एक तरफ सरकार के साथ संघर्ष जारी है वही कोरोना का भी सामना मजबूती से किया जा रहा है। किसान कोरोना व तानाशाह सरकार के साथ अपनी जंग जारी रखेंगे। जब तक तीनों काले कानून रद्द नहीं हो जाते व एमएसपी की गारंटी का कानून नहीं बन जाता तब तक किसान आंदोलन के मोर्चे पर डटे रहेंगे। उन्होंने ग्राम मुकीमपुर, मक्खनपुर, रामपुर, नियामतपुर

आदि क्षेत्रों में किसानों से जनसंपर्क कर किसान आंदोलन को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा यह लड़ाई मात्र किसानों की न होकर समाज के उस प्रत्येक वर्ग की है जो उपभोक्ता है। सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानून बड़ी कंपनियों को फायदा देने के लिए बनाए गए हैं किसान किसी भी कीमत पर किसान और किसानी को बहुराष्ट्रीय कंपनियों का गुलाम नहीं होने देंगे।उन्होंने किसानों से प्रत्येक गांव से रोटेशन के आधार पर गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचने की अपील की। इस दौरान सुखराज सिंह,गरदान सिंह,गरदावर सिंह,गुरनाम सिंह,निर्मल सिंह आदि थे।

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