Monday, August 31, 2026

ऑपरेशन क्लीन का जवाब ऑपरेशन शक्ति से देंगे किसान: संयुक्त किसान मोर्चा का ऐलान

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भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। दिल्ली की गाजीपुर सीमा पर केन्द्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ बीते 146 दिन से चल रहे आंदोलन में धरनारत किसानों ने ‘प्रतिरोध सप्ताह’ के तहत अब आंदोलन स्थल पर संख्या बल बढ़ाने का निर्णय लिया है। संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने यह जानकारी दी।

बाजवा ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन को दबाने के लिए केंद्र सरकार ने कोरोना की आड़ में ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाने की योजना बनायीं है। लेकिन किसानों ने इसका मुकाबला ‘ऑपरेशन शक्ति’ से करने की रणनीति बनाई है। इस रणनीति के तहत एक तरफ तो किसान ‘प्रतिरोध सप्ताह’ मनाकर सभी मोर्चों पर कोरोना का मुकाबला करने का पुख्ता इंतजाम करेंगे तो दूसरी तरफ अगले सप्ताह से किसानों को वापस अपने मोर्चों पर आने का आह्वान किया गया है।

बाजवा का कहना था कि मीडिया में कई रिपोर्ट आई है कि बंगाल के विधानसभा चुनाव पूरा होते ही “ऑपरेशन क्लीन” के नाम से हरियाणा और केंद्र सरकार ने किसानों के मोर्चों पर हमला कर उसका सफाया करने की योजना बनाई गयी है। इसी योजना की भूमिका बनाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट के चलते किसान आंदोलन को खत्म करने की अपील का नाटक भी किया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर ऐसी कोई कार्यवाही हुई तो किसान उसका डटकर मुकाबला करेंगे।

इस चुनौती का मुकाबला करने के लिए किसान आंदोलन ने दोहरी रणनीति बनाई है। एक ओर तो संयुक्त किसान मोर्चा ने गेहूं की कटाई का काम पूरा होते ही सभी किसानों को 24 अप्रैल से ‘फिर दिल्ली चलो’ का आह्वान कर अपने मोर्चों पर पहुंचने की अपील की है।

वहीं तराई किसना सभा के अध्यक्ष तेजेंदर सिंह विर्क ने बताया कि आने वाले एक सप्ताह में मोर्चे की तरफ से कोरोना का मुकाबला करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। कहा कि दिल्ली के बाहर मोर्चे लगाते समय भी देश में कोरोना का संक्रमण फैला हुआ था। लेकिन पिछले 5 महीने में किसान आंदोलन के किसी भी मोर्चे में कभी भी कोरोना संक्रमण फैलने की खबर नहीं आई है। खुद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री विधानसभा चुनाव में बड़ी से बड़ी भीड़ जुटाने का दावा कर रहे हैं। इस सरकार को किसानों को महामारी से बचने की नसीहत देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

बताया कि सभी मोर्चों पर कोरोना से बचाव के लिए सावधानियों की जानकारी दी जाएगी। किसानों को मास्क उपलब्ध करवाए जाएंगे और उसके इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। वैक्सीनेशन कैंप का इंतजाम किया जाएगा ताकि 45 साल से ज्यादा उम्र के किसान टीका लगा सकें। मेडिकल कैंप में थर्मामीटर, मास्क और ऑक्सीमीटर की संख्या को बढ़ाया जाएगा। कोविड-19 के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज की व्यवस्था की जाएगी।

 

 

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