Saturday, October 17, 2026

बाली का हुआ वध, माता सीता की खोज में हनुमान पहुंचे अशोक वाटिका, रावण सीता का हुआ संवाद,हनुमान ने उजाड़ डाली रावण की अशोक वाटिका

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भोंपूराम खबरी। श्री शिव नाटक क्लब द्वारा आयोजित रामलीला मंचन के दसवें दिन प्रभु श्री राम जी की लीला का *शुभारंभ ड्रोन कॉलेज के चेयरमेन विजयभूषण गर्ग एवं अलायंस सोसाइटी के उपाध्यक्ष सीए हरनाम चौधरी,भारत अरोरा,राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजकुमार चौधरी,स. जोगिंदर सिंह द्वारा संयुक्त रूप से विधिवत रूप से पूजन कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया* ,उनके साथ अलायंस दशहरा कमेटी से परनीत बांगा,साक्षी गाबा,शिल्पा चौहान,ऍड तान्या अरोरा,व्यापार मण्डल के अध्यक्ष संजय जुनेजा,राजकुमार सीकरी,पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल,संजय ठुकराल,स.मंगत सिंह खुराना का भी सानिध्य प्राप्त हुआ

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विजय भूषण गर्ग जी ने ने प्रभु श्री राम की महिमा का बखान करते हुए कहा कि सनातन धर्म की विरासत को संभालने के लिए रामलीलाओं का मंचन बहुत आवश्यक है इससे हमारी आने वाली पीढ़ी हमारी संस्कृति को समझती है,रामलीला मंचन हमें जीवन जीने की प्रेरणा देती है,हमें रामलीला का मंचन देखने अवश्य आना चाहिए जिससे कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को अपनी विरासत दे सकें एवं ये परम्पराएँ हमेशा चलती रहें

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*राजकुमार चौधरी एवं हरनाम चौधरी ने श्री शिव नाटक क्लब को इस भव्य आयोजन बधाई प्रेषित की एवं आतिथ्य सत्कार के लिए सबका धन्यवाद किया*

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श्री शिव नाटक क्लब के पदाधिकारियों द्वारा सभी अतिथियों का अंगवस्त्र पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। रामलीला मंचन में बाली जिसने अपने भाई को घर से और राज्य से बाहर निकाल दिया है,श्री राम जी से मित्रता के साथ सुग्रीव बाली को युद्ध के लिए ललकारता है,बाली और सुग्रीव का भीषण युद्ध होता है श्री राम जी द्वारा बाली को आड़ से बाण मारकर उसका वध किया जाता है अंगद और तारा वाली के मरण पर विलाप करते हैं,माता सीता की खोज प्रारम्भ होती है हनुमान जी अंगद जामवंत माता सीता की खोज में जाते हैं,समुन्द्र लांघकर वो अशोक वाटिका में पहुँचते हैं वहाँ हनुमान जी की सीता जी से भेंट होती है रावण सीता को फिर से मनाने की कोशिश करता है और एक मास का समय देता है हनुमान जी सीता माता को मुद्रिका देते हैं और भूख लगने पर पूरी अशोक वाटिका को उजाड़ देते हैं रावण का पुत्र अक्षय कुमार हनुमान जी को पकड़ने के लिए आता है हनुमान जी द्वारा उसका वध कर दिया जाता है मेघनाथ ब्रह्म पास में बांधकर हनुमान जी को रावण के दरबार में लेकर जाता है,यहाँ तक की लीला का मंचन दिखाया गया,जिसमें बाली की भूमिका तनिश सीकरी,सुग्रीव विशान्त भसीन,तारा आदित्य कुमार ,अंगद आर्यन ग्रोवर,राम अभिनव अनेजा,लक्ष्मण रवि कक्कड़,सीता नैतिक तनेजा, रावण हिमांशु पारिक,हनुमान सन्नी कक्कड़, त्रिज्टा की भूमिका केशव नारंग ने निभाई *मंच संचालन जॉली कक्कड़ द्वारा किया गया*

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