भोंपूराम खबरी,पंतनगर। उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर के उद्यान अनुभाग में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. शिवेन्द्र कुमार कश्यप, अधिष्ठाताओं, निदेशकों, शिक्षकों एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में श्री अजय टम्टा द्वारा वृक्षारोपण किया गया।
मुख्य अतिथि श्री अजय टम्टा ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में समाज और देश के प्रति निरंतर योगदान तथा जिम्मेदारियों का निर्वहन महत्वपूर्ण है। राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज, देश और नागरिकों के लिए कार्य करना चाहिए। श्री टम्टा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी पूरे प्रदेश के शासन-प्रशासन का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके जन्मदिवस को वृक्षारोपण जैसे पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य के माध्यम से मनाना एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय के साथ अपने पुराने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का देश ही नहीं, बल्कि एशिया में भी विशिष्ट स्थान है और यह उत्तराखण्ड के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि कृषि मानव जीवन की मूल आवश्यकताओं का आधार है तथा भोजन की उपलब्धता कृषि और भूमि पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश के विभिन्न क्षेत्रों में विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। श्री टम्टा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम में कुलपति डा. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्य अतिथि श्री अजय टम्टा का विश्वविद्यालय से पुराना जुड़ाव रहा है तथा वे कृषि एवं अनुसंधान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों में निरंतर रुचि रखते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशकगण, प्रभारी अधिकारी उद्यान अनुभाग एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।




