भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। पांच साल पुराने चर्चित गुरपेज-गुरकीरत दोहरे हत्याकांड में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने मुख्य आरोपी राकेश मिश्रा उर्फ पप्पू मिश्रा को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं उसके भाई और उत्तराखंड पुलिस में दरोगा रहे राजेश मिश्रा को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए छह माह के कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने बताया कि मलसी लंका निवासी अजीत सिंह ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर के अनुसार प्रीतनगर में अजीत सिंह की सवा दो एकड़ भूमि के पास ही राकेश मिश्रा की जमीन थी। आरोप था कि जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था और राकेश पक्ष जमीन पर कब्जे को लेकर दबाव बना रहा था। विवाद सुलझाने के लिए अजीत ने भूमि की हद में सीमेंट के खंभे लगाकर यूकेलिप्टिस के पौधे लगाए थे।
आरोप के मुताबिक 15 जून 2021 की दोपहर अजीत के बेटे गुरपेज सिंह और गुरकीरत सिंह खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान राकेश मिश्रा अपने भतीजों के साथ वहां पहुंचा। विवाद बढ़ने पर राकेश ने राइफल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 19 गवाह पेश किए। साथ ही अन्य साक्ष्य भी रखे गए। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने राकेश मिश्रा को हत्या का दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं उसके भाई राजेश मिश्रा को आर्म्स एक्ट के तहत छह माह के कारावास से दंडित किया।




