
भोंपूराम खबरी,हल्द्वानी। फतेहपुर स्थित एक निजी स्कूल में शुक्रवार को एक मासूम की जान चली गई। तीन दिनों से अस्वस्थ चल रहे बच्चे की स्कूल जाने की ‘जिद’ उसके परिवार के लिए उम्र भर का गम दे गई।

घटना का क्रम
जिद बनी काल: बालक पिछले तीन दिनों से चक्कर आने की शिकायत कर रहा था, जिसका इलाज भी चल रहा था। आज सुबह बच्चे ने अपनी मां से स्कूल जाने की जिद की, जिसे देखते हुए परिजनों ने उसे स्कूल भेज दिया।
कक्षा में हादसा: पढ़ाई के दौरान कक्षा में ही बच्चा अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ा। सहपाठियों के शोर मचाने पर स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचा और तुरंत परिजनों को सूचित किया।
अस्पताल में संघर्ष: परिजन बच्चे को पहले मुखानी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ से उसे सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) रेफर किया गया। लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध: बच्चे की अचानक मृत्यु से टूट चुके परिजनों ने सिटी मजिस्ट्रेट से गुहार लगाई कि बच्चे का पोस्टमार्टम न कराया जाए।
मजिस्ट्रेट का आदेश: संवेदनशीलता और परिजनों की मानसिक स्थिति को देखते हुए, सिटी मजिस्ट्रेट ने पोस्टमार्टम न करने की अनुमति प्रदान की।
3. अस्पताल का गमगीन माहौल
सुशीला तिवारी अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर का नजारा देख हर किसी की आँख नम थी। बदहवास मां अपने कलेजे के टुकड़े के शव से लिपटकर उसे बार-बार उठाने की कोशिश कर रही थी। मां का अपने बेटे के गालों और आंखों को सहलाकर उसे पुकारना वहां मौजूद हर शख्स का दिल दहला रहा था।




