
भोंपूराम खबरी। हल्द्वानी के फतेहपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले पनियाली गांव से सटे जंगलों में गुरुवार उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों और वनकर्मियों ने एक बाघ के शावक का शव देखा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पोस्टमार्टम के बाद शावक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

सीताराम आश्रम मार्ग के पास मिली बॉडी
वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप असगोल ने जानकारी दी कि हैड़ाखान बीट (काठगोदाम) के कंपाउंड नंबर 5 में सीताराम आश्रम मार्ग पर शावक का शव पड़ा मिला था। गश्त पर निकले वनकर्मियों ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर जब मुआयना किया, तो शावक के शरीर पर गहरे जख्म के निशान पाए गए। 5-6 महीने की थी मादा शावक
वन विभाग के शुरुआती अनुमान के मुताबिक शावक लगभग 5 से 6 महीने की है। शव नर बाघ का प्रतीत हो रहा है। शरीर पर चोट के निशानों को देखकर माना जा रहा है कि किसी शिकारी जानवर संभवतः तेंदुए या दूसरे बाघ ने उस पर हमला किया है।
“प्रथम दृष्टया यह मामला दो वन्यजीवों के बीच आपसी संघर्ष का लग रहा है। शावक के शरीर पर चोटें हैं, जिससे लगता है कि किसी बड़े शिकारी जानवर ने इसे मारा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।
वन विभाग में मचा हड़कंप
बाघ के शावक की मौत की खबर से वन महकमे में खलबली मची हुई है। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या क्षेत्र में किसी बड़े बाघ या तेंदुए की सक्रियता बढ़ गई है। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की बारीकी से तफ्तीश की जा रही है।




