Saturday, September 5, 2026

धर्मस्थल पर बुलडोज़र,भू-माफिया बेखौफ,25 गौमाताएं लापता, महन्त सड़क पर,जिलाधिकारी से न्याय की गुहार

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भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर।  सनकादिक तपोस्थली राधाकुण्ड (शैलजा फार्म) से जुड़े अतिक्रमण एवं प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तपोस्थली के महन्त राम बालक दास ने जिलाधिकारी उधम सिंह नगर को प्रार्थना-पत्र सौंपकर भू-माफिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

महन्त राम बालक दास का कहना है कि खसरा संख्या-66 में स्थित राधाकुण्ड तपोस्थली पर वर्षों से गौशाला संचालित की जा रही थी, जिसमें लगभग 25 गौमाताओं की सेवा-देखभाल की जाती थी। तपोस्थली में राधा-कृष्ण, हनुमान जी एवं गोपेश्वर महादेव की प्राचीन मूर्तियाँ भी स्थापित हैं।

प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि खसरा संख्या-66 की भूमि पर कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। नगर निगम द्वारा जिन अवैध पक्के निर्माणों पर लाल निशान लगाए गए थे, उन्हें आज तक ध्वस्त नहीं किया गया, जबकि तपोस्थली एवं गौशाला को बिना किसी पूर्व सूचना अथवा नोटिस के हटवा दिया गया।

महन्त राम बालक दास के अनुसार 8 जनवरी 2026 को पुलिस कर्मियों द्वारा उन्हें कोतवाली रुद्रपुर बुलाया गया, जहां पूरे दिन बैठाए रखने के बाद शाम को छोड़ दिया गया। जब वे वापस तपोस्थली पहुंचे तो वहां न उनका आशियाना था, न 25 गौमाताएं और न ही उनका कोई सामान मौजूद था।

महन्त ने आरोप लगाया है कि भू-माफिया विकास शर्मा ने अपने पद एवं राजनीतिक पहुंच का दुरुपयोग करते हुए पुलिस, नगर निगम एवं राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से यह कार्रवाई करवाई। इतना ही नहीं, पूर्व में इसी भूमि पर सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई भी कराई गई थी।

महन्त राम बालक दास ने जिलाधिकारी से मांग की है कि खसरा संख्या-66 पर बने अवैध पक्के निर्माणों को तत्काल ध्वस्त कराया जाए, तपोस्थली को अतिक्रमण-मुक्त किया जाए, 25 गौमाताओं एवं उनके सामान को सुरक्षित वापस दिलाया जाए तथा आरोपी विकास शर्मा का उक्त भूमि पर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।

इस मामले ने धार्मिक स्थल, गौशाला और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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