

भोंपूराम खबरी। चैत्र नवरात्रि के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गा अष्टमी और महाष्टमी के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इसके साथ ही इस दिन कन्या पूजन करने से कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति होती है। इस साल महाष्टमी के दिन सर्वार्थसिद्धि, लक्ष्मी नारायण, पंचग्रही जैसे कई राजयोगों का निर्माण हो रहा है, जिससे इस अवधि में मां दुर्गा की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। आइए जानते हैं महाष्टमी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती सहित अन्य जानकारी…

महा अष्टमी पर इस समय करें कन्या पूजन (महा अष्टमी पर इस समय करें कन्या पूजन
दुर्गा अष्टमी के मौके पर कन्या पूजन करना बहुत शुभ माना जाता है। अगर आज आप कन्या पूजन कर रहे हैं तो जान लें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त, पूजा मुहूर्त सहित अन्य जानकारी
दुर्गा अष्टमी के मौके पर कन्या पूजन करना बहुत शुभ माना जाता है। अगर आज आप कन्या पूजन कर रहे हैं तो जान लें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त, पूजा मुहूर्त सहित अन्य जानकारी दुर्गा अष्टमी के मौके पर कन्या पूजन करना बहुत शुभ माना जाता है। अगर आज आप कन्या पूजन कर रहे हैं तो जान लें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त, पूजा मुहूर्त सहित अन्य जानकारी
सवार्थसिद्ध योग में मनाई जाएगी महाष्टमी
पंचांग के अनुसार, महा अष्टमी यानी दुर्गा अष्टमी के दिन सवार्थसिद्धि योग के साथ सुकर्मा योग बन रहा है। इसके अलावा पंचग्रही, लक्ष्मीनारायण, शुक्रादित्य, जैसे योग का निर्माण हो रहा है. इन शुभ मुहूर्त में मां दुर्गा की पूजा करने से कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होगी।
माता महागौरी का ध्यान (Maha Gauri Ka Dhayan Mantra)
वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा महागौरी यशस्वनीम्॥
पूर्णन्दु निभां गौरी सोमचक्रस्थितां अष्टमं महागौरी त्रिनेत्राम्।
वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां महागौरी भजेम्॥
पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।
मंजीर, हार, केयूर किंकिणी रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥
प्रफुल्ल वंदना पल्ल्वाधरां कातं कपोलां त्रैलोक्य मोहनम्।
कमनीया लावण्यां मृणांल चंदनगंधलिप्ताम्॥
महाष्टमी पर करें महागौरी की पूजा
महाष्टमी के मौके मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में से आठवां अवतार महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन कन्या पूजन करने का भी विधान है।