Monday, August 31, 2026

वनाग्नि से निपटने को आपदा प्रबंधन विभाग तैयार 

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भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर।  उधम सिंह जिले के आपदा प्रबंधन विभाग ने वनाग्नि से निपटने के लिए कमर कस ली है | हालाँकि कुमाऊँ मंडल के सबसे निचले जिले में वनाग्नि से अभी तक किसी नुकसान की पुष्टि विभाग द्वारा नहीं की गयी है। मगर फिर भी प्रशासन बीते दिनों से लगातार सामने आ रही दावानल की घटनाओं के कारण चौकस है। ज्ञात हो कि बीते कुछ दिनों से वनाग्नि के कारण पूरे प्रदेश में आपदा की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते प्रमुख वन संरक्षक को हाई कोर्ट ने तलब किया है।

उत्तराखंड के जंगलों में प्रतिवर्ष वनाग्नि की घटनाएँ होती है। प्रशासन हर बार इसे रोकने में नाकामयाब होता है। लेकिन इस बार पर्वतीय इलाकों के वनों में लगी आग का खतरा तराई के जंगलों पर भी मंडरा रहा है। कुल 93 हज़ार 826.35 हैक्टयेर में फैले जिले के जंगलों को बचाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से तैयार है। विभाग ने 20 लाख के बजट और 211 नियमित कर्मचारियों की मदद से वन संरक्षण का बीड़ा उठाया है।

योजना के तहत तराई के जंगलों को तीन क्षेत्र में बांटा गया है। जिसमे केंद्रीय तराई, पूर्वी तराई और पश्चिमी तराई शामिल है। वनाग्नि से निपटने के लिए जिले में 64 क्रू स्टेशन और 144 फायर वॉचर की व्यवस्था की गयी है। जिससे किसी भी हालात से निपटने में आसानी होगी | जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमा शंकर नेगी ने बताया की वन विभाग के अलावा आवश्यकता पड़ने पर फायर स्टेशन को भी अलर्ट मूड पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है और किसी भी आपदा के समय लोग 05944-250719 या टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क कर सकता है। विभाग की तरफ से अधिक से अधिक मात्रा में सूचना का प्रसार किया जा रहा है ताकि समय रहते आपदा पर काबू पा लिया जाए।

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