Saturday, September 5, 2026

प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी: यशपाल आर्य

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भोंपूराम खबरी। प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उत्तराखंड पुलिस आज कानून की रखवाली छोड़कर जमीन के धंधों और सत्तासंरक्षित लेन-देन में उलझ चुकी है इसका एक भयावह उदाहरण काशीपुर से सामने आया है, जहाँ एक किसान सुखवंत सिंह ने न्याय न मिलने की पीड़ा में वीडियो जारी कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था के नैतिक पतन का जीवंत प्रमाण है। ये वारदात भाजपा सरकार की नाकामी और राज्य में व्याप्त भ्रष्ट कानून-व्यवस्था का सबूत है।

सुखवंत सिंह ने अपने वीडियो में स्पष्ट कहा कि उनके साथ चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। जब वह न्याय की आस लेकर थाने पहुँचे, तो उनका आरोप है कि थाना प्रभारी और एसपी स्तर तक पुलिस अधिकारियों ने शिकायत सुनने के बजाय पैसे लेकर दूसरे पक्ष का साथ दिया, पीड़ित को डराया-धमकाया गया, बार-बार थाने बुलाकर प्रताड़ित किया गया और अंततः उन्हें पूरी तरह हताश कर दिया गया।

यह घटना किसी एक थाने या एक जिले की नहीं है, यह सरकार की कार्यशैली और उत्तराखंड पुलिस के गिरते भरोसे पर तमाचा है। हम लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि प्रदेश भय और अन्याय की ओर बढ़ रहा है आज वही चेतावनी एक मौत में बदल चुकी है। सत्ता में बैठे लोगों को समझना होगा कि कुर्सी स्थायी नहीं होती, लेकिन अन्याय का हिसाब इतिहास जरूर लेता है।

यह पूरी घटना उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन के माथे पर कलंक है।

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