Saturday, September 5, 2026

प्रदेश का युवा बेरोजगारीए भर्ती घोटालों और पेपर लीक से है त्रस्त: यशपाल आर्य

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भोंपूराम खबरी।यशपाल आर्य नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के जश्न में पहले गृह मंत्री अमित शाह फिर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं अब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी देवभूमि उत्तराखंड पधार रहे हैं। हम उनका स्वागत करते हैं किन्तु इस जश्न के शोर में प्रदेश की जनता के असली सवाल दबाए नहीं जा सकते।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता पूछ रही है कि आखिर यह जश्न किस बात का मनाया जा रहा है

क्या बेरोजगारी का जश्न है?

क्या महंगाई का जश्न है?

क्या बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का जश्न है?

क्या पलायन से खाली होते पहाड़ों का जश्न है?

क्या भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था की विफलता का जश्न है?

आर्य ने कहा कि आज उत्तराखंड की जनता सरकार से सीधा जवाब चाहती है कि चार वर्षों में प्रदेश को वास्तव में मिला क्या?

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार बताए कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए क्या किया? रसोई गैस पेट्रोल.डीजल खाद्य सामग्री और दैनिक आवश्यकताओं की कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। सरकार बताए कि राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए।

युवाओं को रोजगार कहां मिला? प्रदेश का युवा बेरोजगारीए भर्ती घोटालों और पेपर लीक से त्रस्त है। सरकार बताए कि कितनी स्थायी नौकरियां दी गईं और कितने युवाओं का भविष्य भर्ती घोटालों ने बर्बाद किया।

स्वास्थ्य सेवाएं क्यों बदहाल हैं? पर्वतीय क्षेत्रों के अस्पताल डॉक्टरों दवाओं और उपकरणों के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। क्या यही स्वास्थ्य व्यवस्था सरकार की उपलब्धि है?

शिक्षा व्यवस्था क्यों चरमराई हुई है? विद्यालयों में शिक्षक नहीं संसाधन नहीं गुणवत्ता नहीं। सरकार बताए शिक्षा सुधार के नाम पर क्या हुआ?

पलायन रोकने के लिए क्या नीति बनी घ्गांव खाली हो रहे हैं पहाड़ वीरान हो रहे हैं। सरकार बताए कि पलायन रोकने के लिए उसका रोडमैप क्या है?

आर्य ने कहा कि कानून व्यवस्था पर सरकार मौन क्यों अपराध बढ़ रहे हैं महिलाओं की सुरक्षा चिंता का विषय है। सरकार बताए कि प्रदेश कितना सुरक्षित है?

भ्रष्टाचार पर क्या कार्रवाई हुई? भ्रष्टाचार के मामलों की भरमार है लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल दिखावा। सरकार बताए कि किस बड़े भ्रष्टाचारी पर क्या ठोस कार्रवाई हुई?

आपदा प्रभावितों का पुनर्वास कब होगा, आपदा पीड़ित आज भी स्थायी पुनर्वास की प्रतीक्षा में हैं। सरकार बताए कि क्या केवल घोषणाएं होंगी या जमीन पर नीति भी बनेगी, संवेदनशील क्षेत्रों के लिए आपदा पूर्व चेतावनी तंत्र कहां है, हर वर्ष आपदा आती हैए सरकार सिर्फ मुआवजे की घोषणा करती है। क्या रोकथाम के लिए कोई दीर्घकालिक व्यवस्था बनाई गई?

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता अब विज्ञापनों और इवेंट मैनेजमेंट की राजनीति से ऊब चुकी है। सरकार को यह समझना होगा कि जनता को जश्न नहीं जवाब चाहिए।  आर्य ने कहा कि चार वर्षों में यदि उपलब्धियां वास्तविक हैं तो सरकार मंच से आंकड़े रखे अन्यथा यह जश्न नहीं.जनभावनाओं के साथ मजाक है।

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