भोंपूराम खबरी। राजधानी देहरादून में हवाला का नेटवर्क सक्रिय होने की जानकारी मिली है। ऐसे ही एक नेटवर्क के माध्यम से दून पहुंच रही 1.55 करोड़ की नकदी को दून पुलिस ने पकड़ लिया। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी को स्कॉर्पियो एन कार में एक सीक्रेट केबिन बनाकर रखा गया था।
नकदी को कैंट पुलिस ने आयकर विभाग की मौजूदगी में कब्जे में लिया और शुक्रवार आधी रात तक नोटों की गणना की जाती रही। चूंकि, बरामद रकम पूरी तरह से कालाधन का हिस्सा है, लिहाजा आयकर विभाग वारंट लेकर नकदी को अपने कब्जे में लेगा। कैंट पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी के साथ गुजरात के तीन व्यक्तियों को भी पकड़ा। जिनसे देर रात तक पूछताछ की जाती रही।
घटनाक्रम के अनुसार कैंट पुलिस ने चेकिंग के दौरान राजेंद्र नगर कौलागढ़ क्षेत्र में सिरमौर मार्ग पर एक संदिग्ध वाहन MH12XT 3245 स्कार्पियो एन को रोका था। वाहन सवार व्यक्तियों से पूछताछ में वाहन चालक ने अपना नाम सतीश भाई पुत्र स्व० हरगोविंद भाई, निवासी तालुका विसनागर, जिला मेहसाणा, गुजरात, उम्र 51 वर्ष तथा उसके साथ वाहन में बैठे 02 अन्य व्यक्तियों ने अपना नाम ठाकुर जसवंत संघ बनाजी पुत्र स्व० बनाजी निवासी ग्राम सेधा तालुका चणसमा थाना चणसमा जिला पाटन गुजरात व सचिन पटेल पुत्र नरेंद्र भाई निवासी ग्राम दीनप थाना विसनागर गुजरात बताया। वाहन से संबंधित दस्तावेज मांगने पर वाहन चालक इधर उधर की बातें करने लगा, संदिग्धता प्रतीत होने पर पुलिस ने वाहन चालक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने कार में काफी अधिक मात्रा में नगदी होने की बात कही। उसने कहा कि कैश एक सीक्रेट केबिन में छिपाया गया है।
वाहन में काफी अधिक मात्रा में कैश होने की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल उच्चाधिकारीगणों को अवगत कराते हुए उनके माध्यम से आयकर विभाग को सूचित किया गया, सूचना पर तत्काल क्षेत्रधिकारी नगर व आयकर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिनकी मौजूदगी में वाहन की तलाशी लेने पर वाहन में बने सीक्रेट केबिन से काफी अधिक मात्रा में नगद धनराशि प्राप्त हुई, जिसे आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए कब्जे में लिया गया।
दौराने पूछताछ में बरामद धनराशि के संबंध में वाहन चालक की ओर से कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। मौके पर पुलिस ने वाहन सवार व्यक्तियों से बरामद धनराशि के संबंध में जानकारी की गई तो वाहन चालक ने बताया कि उक्त धनराशि को वह बनारस से लेकर आया था, जिसे उसे उनके साथ वाहन में बैठे जसवंत को देना था।
बरामद धनराशि के संबंध में आयकर विभाग की टीम द्वारा तीनो व्यक्तियों से पूछताछ कर उनके बयान अंकित किए। साथ ही उनके पास से बरामद धनराशि का आंकलन किया गया। आधी रात तक जारी गणना के अनुसार कुल रकम 1.55 करोड़ रुपये पाई गई। पुलिस ने संबंधित वाहन को सीज कर लिया है। साथ ही वाहन में रखी एक कैश गिनने की मशीन को भी कब्जे में लिया गया।
अंतिम किस स्तर पर जानी थी रकम, यह नहीं था पता
कार में जो लोग करोड़ों रुपये के साथ पकड़े गए, उनमें से चालक ने यह रकम अन्य सवार जसवंत को देने की बात कही थी। लेकिन, अंतिम रूप से नकदी किसके सुपुर्द की जानी थी, यह इन्हें बाद में बताया जाना था। सीधा मतलब है कि यह सब हवाला के नेटवर्क ने बहुत गोपनीय रखा था। फिलहाल पुलिस उस नेटवर्क का पता लगा रही है। इतना जरूर है कि पुलिस इस नेटवर्क के सर्वे चौक के पास डालनवाला क्षेत्र में एक कार्यालय का पता लगाया है। जानकारी के अनुसार वहां भी तलाशी ली गई और कुछ लोगों को बिंदाल चौकी भी लाया गया।
बरामदगी
1- नकद राशि – 01 करोड़ 55 लाख लगभग/-
2- वाहन – MH12XT 3245 महिंद्र स्कॉर्पियो
वाहन सवार संदिग्धों का विवरण
1- सतीश भाई पुत्र स्वर्गीय हरगोविंद भाई उम्र 51 वर्ष निवासी तालुका विसनागर जिला मेहसाणा गुजरात
2- ठाकुर जसवंत संघ बनाजी पुत्र स्वर्गीय बनाजी निवासी ग्राम सेधा तालुका चणसमा थाना चणसमा जिला पाटन गुजरात
3- सचिन पटेल पुत्र नरेंद्र भाई निवासी ग्राम दीनप थाना विसनागर गुजरात
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
1- श्री स्वप्निल मुयाल, क्षेत्रधिकारी नगर
2- निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट (प्रभारी निरीक्षक कैंट)
3- उ.नि. विनयता चौहान (चौकी प्रभारी बिंदाल)
4- अ.उ.नि. वीरेंद्र राम
5- कां० योगेश सैनी




