भोंपूराम खबरी। जागेश्वर धाम में सड़क किनारे अतिक्रमण श्रद्धालुओं के लिए आफत बना हुआ है। इसके कारण सड़क पर जाम भी लग रहा है। जागेश्वर पार्किंग के पास पिछले एक साल के भीतर अतिक्रमकारी दर्जनों श्रद्धालुओं से मारपीट भी कर चुके हैं। इसी को देखते हुए पिछले साल मई में लोनिवि और प्रशासन की टीम बुल्डोजर लेकर मौके पर पहुंच गई थी।
हालांकि बाद में मौखिक तौर पर ये तय कर लिया गया था कि म्यूजियम गेट से ऊपर की ओर कोई भी व्यक्ति दुकान नहीं लगाएगा। उसके बाद म्यूजियम से ऊपर का इलाका पूरी तरह खाली करा लिया गया था। हालांकि टीआरसी गेट पर उसके बाद भी कुछ अतिक्रमणकारी कब्जा जमाए रखे थे। उनकी देखा देखी धीरे-धीरे हटाए गए अतिक्रमणकारी दोबारा पूर्व के स्थानों पर दुकानें लगाने लगे थे। इसके कारण फिर से अराजकता पनपने लगी थी। इसे लेकर तमाम शिकायतें शासन और प्रशासन के पास पहुंची हुई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को एसडीएम सौम्या गब्र्याल के नेतृत्व में व्यापार मंडल, पुलिस प्रशासन, लोनिवि की बैठक बुलाई गई। बैठक में तय हुआ कि तीन दिन के बाद म्यूजियम गेट से ऊपर के सारे इलाके को खाली करा दिया जाएगा। म्यूजियम गेट से नीचे की ओर भी दुकानें नाली से भीतर लगाई जाएगी। नाली से बाहर एक भी दुकान नहीं लगेगी। कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। धाम में अराजकता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान एसडीएम ने पर्यटक सीजन की तैयारियां भी परखीं। साथ ही दोपहिया वाहनों के लिए चिह्नित योग मैदान का भी निरीक्षण किया।हालांकि योग मैदान में पुलिस कच्चा होने के कारण फिलहाल वहां दोपहियां वाहनों की पार्किंग बनाने पर सहमति नहीं हो पाई। पुल को वैकल्पिक तौर पर मजबूती प्रदान करने के बाद वहां दोपहिया पार्किंग बन सकती है। बैठक में तहसीलदार ज्योति नपच्याल, लोनिवि के एई आलोक ओली, थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत, चौकी प्रभारी कमित जोशी, मंदिर समिति के पूर्व उपाध्यक्ष नवीन भट्ट , पूर्व पुजारी प्रतिनिधि पंडित नवीन चंद्र भट्ट, पंडित शुभम भट्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश भट्ट, गिरीश भट्ट, शेखर भट्ट सहित तमाम व्यापारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।




