
भोंपूराम खबरी। नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चमोली में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में मंगलवार को एक और तेंदुआ कैद हुआ है। तीन महिलाओं को निवाला बनाने वाले तेंदुआ की पहचान के लिए वन विभाग की टीम लगातार काम कर रही है। वन विभाग के पिंजरे में अभी तक पांच तेंदुआ कैद हो चुके हैं लेकिन आदमखोर तेंदुआ की पहचान नहीं हो पाई है। वन विभाग डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

मंगलवार को ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को तेंदुए के पिंजरे में फंसने की सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच पिंजरे में फंसे तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजने की कार्रवाई की है।
वन विभाग के मुताबिक क्षेत्र में तेंदुओं की लगातार आवाजाही और हमलों की घटनाओं को देखते हुए पूर्व में भी कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए थे।
वन विभाग ने बताया कि अब तक क्षेत्र से कुल पांच तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है, लेकिन हाल के दिनों में तीन महिलाओं की दर्दनाक मौत के पीछे किस तेंदुए की भूमिका रही इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए पकड़े गए सभी तेंदुओं के डीएनए सैंपल जांच हेतु देहरादून भेजे गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही आदमखोर तेंदुए की स्पष्ट पहचान संभव हो पाएगी। फिलहाल एहतियातन प्रभावित क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है तथा ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।


