Friday, September 4, 2026

STF ने किया देशभर में हो रही बड़ी ठगी का खुलासा, गिरोह का सरगना गिरफ्तार

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भोंपूराम खबरी,देहरादून देश के कई राज्यों हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान आदि में साइबर अपराधियों द्वारा पीआईएमसीओ कैपिटल और कोटक सिक्योरिटीज के कर्मचारियों के रूप में खुद को पेश कर शेयर मार्केट व स्टॉक ट्रेडिंग की फर्जी वेबसाईट बनाकर निवेश के नाम पर पूरे देशभर में ठगी करने वाले गिरोह के सरगना को एसटीएफ ने हरिद्वार से गिरफ्तार किया है।

एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया की जून में एक प्रकरण साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ था जिसमें अज्ञात साइबर फ्रॉड्स द्वारा शिकायतकर्ता को विश्वास में लेकर पीआईएमसीओ कैपिटल और कोटक द्वारा सह-स्थापित एक स्टॉक पुल अप समूह बताकर “ई19पीआईएमसीओ स्टॉक पुल अप ग्रुप नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोडा गया जहाँ स्वंय को पीआईएमसीओ कैपिटल व
कोटक के कर्मचारी बताकर लिंक के माध्यम से शिकायतकर्ता को “20 कोटक सिक्योरिटीज कस्टमर केयर” आदि अन्य विभिन्न ग्रुप में जोडा गया व शेयर मार्केट/स्टॉक ट्रेडिंग हेतु लिंक के माध्यम से कोटकस.प्रो नामक इंस्टीट्यूशनल अकाउंट ऐप डाउनलोड करवाया गया व विभिन्न कम्पनियों के शेयर व आईपीओ में निवेश कर अधिक लाभ कमाने के नाम पर भिन्न भिन्न लेन देन के माध्यम से 31 लाख 98 हजार 742 रुपए की धोखाधडी को अंजाम दिया गया।

एसएसपी एसटीएफ ने आगे बताया कि उक्त प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुये घटना के जल्द से जल्द खुलासे हेतु साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन पर विवेचना साइबर थाने के निरीक्षक विजय भारती के सुपुर्द की गयी।उक्त अभियोग में पुलिस टीम द्वारा विवेचना व साक्ष्य संलकन तथा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर फरीदाबाद हरियाणा निवासी 31 वर्षीय 01 अभियुक्त को जमालपुर रोड योगी आश्रम के सामने कनखल हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से एक मोबाईल हैण्डसेट जिसमें 02 सिमकार्ड जिनमें से एक सिमकार्ड उक्त धोखाधडी में प्रयुक्त बैंक खाते का एसएमएस अलर्ट नम्बर है बरामद हुआ है।गिरफ्तार आरोपी के बैंक खाते में 71 लाख की संदिग्ध रकम भी आई है, गिरफ्तार आरोपी ने यह भी कबूल किया कि वह व्हाट्सएप के माध्यम से खाली चेक फोटो, बैंक खातों के क्यूआर कोड और डेबिट कार्ड के फ्रंट/बैक पेज को गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ साझा करता था।
उन्होंने आगे बताया कि अभियुक्त द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कम्पनियों की फर्जी वैबसाईट तैयार कर स्वंय को विभिन्न शेयर मार्केट व स्टॉक ट्रेडिंग कम्पनी के अधिकारी व कर्मचारी बताते हुए आम जनता की गाढ़ी कमाई को हड़पने हेतु व्हाट्सएप कॉल व मैसेज कर स्टॉक ट्रेडिंग व शेयर मार्केट में निवेश की जानकारी देकर लाभ कमाने का प्रलोभन दिया जाता है व उन्हें विश्वास में लेकर विभिन्न फर्जी व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर लिंक के माध्यम से विभिन्न फर्जी एप डाउनलोड कराकर इन्वेस्टमेण्ट के नाम पर धोखाधडी की जाती है तथा धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातो में प्राप्त कर उक्त धनराशि का प्रयोग करते हैं ।

क्या है एचएचएसएमस एप(एचएचपे)
यह बैंक ओटीपी ऑनलाइन साझा करने के लिए एक ऐप है। ऐसे ऐप्स में बैंक एसएमएस अलर्ट नंबर इनपुट किए जाते हैं और बैंक ओटीपी गिरोह के अन्य सदस्यों तक ऑनलाइन पहुंचा दिया जाएगा। गूगल प्लेस्टोर और एंड्रॉइड फोन दोनों ही ऐसे ऐप्स को ब्लॉक कर देते हैं। इसलिए अपराधी उन्हें व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से एपीके फाइलों के रूप में साझा करते हैं। एपीके फ़ाइलें (एंड्रॉइड पैकेज किट) इंस्टॉलेशन फ़ाइल है जिसे सोशल मीडिया मैसेंजर के माध्यम से प्रसारित किया जाता है जहां एपीके फ़ाइल लिंक साझा किया जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही फोन ऐप सामान्य ऐप की तरह ही इंस्टॉल हो जाता है।गिरफ्तार व्यक्ति ने 12 अलग-अलग राज्यों की 19 और शिकायतों में धोखाधड़ी की है जिनकी जानकारी अन्य राज्य पुलिस द्वारा साझा की जा रही है।

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