Friday, September 4, 2026

देहरादून में वन विभाग के SDO गिरफ्तार । शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप

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भोंपूराम खबरी,देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग के एसडीओ (SDO) राजीव नयन नौटियाल को विकासनगर पुलिस ने एक युवती की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि उन्होंने अपनी वैवाहिक स्थिति को लेकर गलत जानकारी देकर युवती को शादी का भरोसा दिलाया और उसके साथ यौन शोषण किया।

पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

युवती ने लगाए गंभीर आरोप

पुलिस को दी गई शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि राजीव नयन नौटियाल ने अपनी पहली शादी और तलाक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। इसके अलावा उन्होंने दूसरी पत्नी से तलाक होने के कथित दस्तावेज दिखाकर स्वयं को विवाह के लिए स्वतंत्र बताया।

शिकायत के अनुसार, इन्हीं तथ्यों के आधार पर आरोपी ने शादी का विश्वास दिलाया और बाद में उसका यौन शोषण किया।

शिकायत मिलते ही दर्ज हुआ मुकदमा

मामले की गंभीरता को देखते हुए विकासनगर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को उसके आवास से गिरफ्तार किया।

अदालत में पेशी के बाद न्यायालय ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं अधिकारी

राजीव नयन नौटियाल इससे पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। चकराता और कालसी क्षेत्र में अवैध खनन के मामलों को लेकर उनका नाम सुर्खियों में आया था। उस दौरान खनन गतिविधियों का विरोध करते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।

निलंबन का मामला भी रहा चर्चाओं में

वन विभाग ने कुछ समय पहले राजीव नयन नौटियाल को उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और सरकारी कार्यों में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया था।

हालांकि, उन्होंने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद उन्हें राहत मिली और निलंबन आदेश रद्द कर दिया गया।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नोट: यह मामला फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर लिया जाएगा।

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