Friday, September 4, 2026

बदरीनाथ चढ़ावा चोरी कांड में खुलासा! आरोपी के सरकारी कमरे से मिला मंदिर का खजाना

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी,बदरीनाथ। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर बदरीनाथ में बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी की निशानदेही पर उसके सरकारी आवास से मंदिर से जुड़े बताए जा रहे कीमती नजराने और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की बात सामने आई है।

मामले में SIT अब बरामद सामग्री, बैंक खातों, संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इसके साथ ही चढ़ावे की गिनती और निगरानी से जुड़े कई कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।

नीलकंठ गेस्ट हाउस के सरकारी आवास की तलाशी

जांच के सिलसिले में SIT आरोपी प्रमोद नौटियाल को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर बदरीनाथ पहुंची। यहां नीलकंठ वीवीआईपी गेस्ट हाउस की पहली मंजिल पर स्थित उसके सरकारी आवास का ताला खुलवाकर तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान कमरे से मंदिर से जुड़े बताए जा रहे कीमती उपहार और 500-500 रुपये के नोटों में नकदी बरामद की गई। जांच की पारदर्शिता और आगे की कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए पूरी तलाशी एवं बरामदगी की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर SIT ने यह कार्रवाई की। अब बरामद वस्तुओं का रिकॉर्ड से मिलान कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे मंदिर से किस तरह बाहर पहुंचीं।

 

देहरादून स्थित आवास पर भी SIT की कार्रवाई

बदरीनाथ में तलाशी के साथ ही जांच का दायरा देहरादून तक पहुंच गया है। SIT की दूसरी टीम ने देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र स्थित प्रमोद नौटियाल के निजी आवास पर भी छापेमारी की।

यहां टीम ने संपत्तियों, बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जांच एजेंसी अब आरोपी के वित्तीय लेनदेन की कड़ियां खंगाल रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित गड़बड़ी से जुड़ी कोई रकम संपत्ति खरीदने या अन्य निवेश में इस्तेमाल हुई या नहीं।

₹36 करोड़ के चढ़ावे की गिनती भी जांच के दायरे में

मामले में बदरीनाथ मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती और उसकी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 2 जुलाई तक दानपात्रों की 34 बार गिनती की गई थी, जिसमें करीब ₹36 करोड़ की नकदी दर्ज की गई।

SIT अब चढ़ावे की गणना की पूरी प्रक्रिया, उससे जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित अवधि की CCTV फुटेज की पड़ताल कर रही है। खास तौर पर 21 जून के बाद की फुटेज और दान की गिनती के दौरान अपनाई गई निगरानी व्यवस्था की जांच की जा रही है।

जांच का अहम पहलू यह भी है कि यदि चढ़ावे की गिनती और उसके रखरखाव की प्रक्रिया निगरानी में होती थी, तो कथित गड़बड़ी किस स्तर पर और कैसे संभव हुई।

 

कई कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच

मामले की जांच केवल मुख्य आरोपी तक सीमित नहीं रखी गई है। चढ़ावा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था से जुड़े अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। दफेदार, CCTV मॉनिटरिंग से जुड़े कर्मचारी, भंडार प्रभारी, वरिष्ठ सहायक और लेखा लिपिक समेत कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।

SIT यह जानने का प्रयास कर रही है कि कथित गड़बड़ी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। आरोपी से पूछताछ में मिलने वाली जानकारी और बरामद दस्तावेजों के आधार पर अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष SIT की विवेचना के बाद ही सामने आएगा। ऐसे में बरामदगी और अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े आरोपों को जांच पूरी होने तक अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता।

 

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.