भोंपूराम खबरी, रूद्रपुर। किच्छा से विधायक तिलकराज बेहड़ ने जिला प्रशासन द्वारा 27 अप्रैल को बुलाई गई जिला योजना समिति की बैठक पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
बेहड़ ने आरोप लगाया कि बैठक की एजेंडा बुकलेट नियमानुसार कम से कम तीन दिन पूर्व उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, ताकि जनप्रतिनिधि विषयों का अध्ययन कर सकें और जनहित के मुद्दों पर प्रभावी चर्चा हो सके। लेकिन इस बार बुकलेट बैठक के समय ही उपलब्ध कराई गई, जिससे जनप्रतिनिधियों की भूमिका सीमित हो गई।
उन्होंने कहा कि न तो चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया गया और न ही विषयों को समझने का अवसर मिला। “यह पूरी प्रक्रिया अलोकतांत्रिक प्रतीत होती है और जनप्रतिनिधियों को केवल औपचारिकता तक सीमित करने का प्रयास है,” बेहड़ ने कहा।
विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि जब 28 अप्रैल से विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो रहा है, तो उसके ठीक एक दिन पहले जिला योजना समिति की बैठक आयोजित करने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निर्णय जनहित के साथ न्याय नहीं करते और प्रशासन को भविष्य में पारदर्शी एवं नियमानुसार कार्य करना चाहिए।
बेहड़ ने मांग की कि आगे से जिला योजना बैठकों की प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि जनप्रतिनिधि प्रभावी ढंग से अपनी भूमिका निभा सकें।




