भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर । फर्जी शैक्षिक अभिलेख के आधार पर नौकरी कर रहे प्रधानाध्यापक को डीईओ ने बर्खास्त कर दिया है। बीटीसी की कूटरचित डिग्री की शिकायत मिलने पर शिक्षा विभाग ने बीती सात मई को सितारगंज के राजकीय प्राथमिक विद्यालय विथा अकबर के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार को निलंबित कर दिया था।
प्रधानाध्यापक अनिल कुमार की नियुक्ति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चमोली के आदेश पर तीन फरवरी 1999 को प्राथमिक पाठशाला, झिरगांव, देवाल में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। निदेशक प्राथमिक शिक्षा को 12 दिसंबर 2024 को अनिल कुमार के फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने की शिकायत मिली थी।
निदेशक ने उप शिक्षा अधिकारी सितारगंज को जांच के निर्देश दिए थे। बीटीसी अंकपत्र की जांच के लिए प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली को पत्र लिखा गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली ने सितारगंज को जांच रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट में बताया गया कि संस्थान के टेबुलेशन चार्ट से नाम, पिता का नाम, अनुक्रमांक मेल खा रहा है लेकिन प्रधानाध्यापक राजकीय दीक्षा विद्यालय गौचर चमोली के हस्ताक्षर संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं और अंकतालिका के अंकों का मिलान नहीं हो रहा है। इसके आधार पर प्रधानाध्यापक को कई बार नोटिस जारी कर पक्ष रखने को कहा गया।
जवाब सही नहीं पाए जाने पर बीती सात मई को प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया और सितारगंज उप शिक्षा अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया। उप शिक्षा अधिकारी सितारगंज की जांच में बीटीसी अंक पत्र / प्रमाणपत्र अनुक्रमांक फर्जी मिले। शैक्षिक अभिलेखों का साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने पर विभाग ने उनकी सेवा समाप्ति का निर्णय लिया।
शैक्षिक अभिलेखों में कूटरचना व फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करने वाले प्रधानाध्यापक की सेवा समाप्त कर दी है। कई अन्य मामलों की जांच चल रही है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। -हरेंद्र कुमार मिश्र, डीईओ बेसिक




