Friday, September 4, 2026

पुलिस ने बच्चा चोरी और मानव तस्करी गिरोह का किया पर्दाफाश, दो महिलाओं समेत छह आरोपियों को किया गिरफ्तार

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय अंतरराज्यीय बच्चा चोरी और मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान अपहृत बच्ची समेत दो मासूम बच्चों को सकुशल बरामद किया गया है।

मामले की शुरुआत हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में तीन वर्षीय बच्ची के अपहरण से हुई थी। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 6 जून को बैरागी कैंप झुग्गी बस्ती निवासी विनोद सोलंकी ने अपनी पुत्री राधिका के अपहरण की शिकायत कनखल थाने में दर्ज कराई थी। गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।

पुलिस ने जांच के दौरान सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, डंप डाटा का विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मामला फिरौती का नहीं बल्कि संगठित बच्चा चोरी और तस्करी गिरोह से जुड़ा है। इसके बाद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में लगातार दबिशें दी गईं।

पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते गिरोह के सदस्य अपहृत बच्ची को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए, जहां से उसे सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह बच्चों को चोरी कर निसंतान दंपतियों को 2 से 5 लाख रुपये में बेचता था। पुलिस ने मोहम्मद आकिल और उसकी पत्नी नसीमा (अमरोहा), जुल्फेकार (अमरोहा), धर्मेंद्र कुमार (मुजफ्फरनगर/लक्सर), प्रीति शर्मा (जालौन/मुजफ्फरनगर) और शिवा सिंह उर्फ गौरव (सिवान, बिहार/ज्वालापुर) को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि इसी गिरोह ने 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक अन्य डेढ़ वर्षीय बच्चे का अपहरण किया था, जिसे बाद में 1.5 लाख रुपये में बदायूं जिले में बेच दिया गया था। पुलिस ने उस बच्चे कार्तिक को भी सकुशल बरामद कर लिया है।

एसएसपी ने बताया कि गिरोह में सदस्य अलग-अलग भूमिकाएं निभाते थे, जिनमें रेकी, अपहरण और बच्चों की बिक्री शामिल थी। कुछ आरोपी खुद को अभिभावक बताकर या बच्चों को अनाथ बताकर निसंतान दंपतियों को गुमराह करते थे। पुलिस ने इस नेटवर्क को एक संगठित अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह करार देते हुए मामले में आगे की जांच जारी रखी है।

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.