भोंपूराम खबरी। पूरे देश में इस समय रमजान की खास रौनक देखी जा रही है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बाजारों में चहल पहल देखी जा रही है. रमजान के महीने में जहां खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ जाती है, वहीं मलाड पश्चिम से सामने आए एक वीडियो ने रोजेदारों के साथ-साथ, पूरी अवाम को दहशत में डाल दिया है. जहां दो फल बेचने वाले को फलों पर जहर लगाकर बेचने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हंगामा खड़ा हो गया. पुलिस ने मामले में दो फल विक्रेताओं को गिरफ्तार कर लिया है.
मुंबई पुलिस के मुताबिक, मलाड पश्चिम में ग्राहकों को बेचने से पहले फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने के आरोप में दो फल विक्रेताओं को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज संगमलाल केसरवानी (42) और राहुल सदनलाल केसरवानी (25) के रूप में हुई है. दोनों मलाड पश्चिम के राजनपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं. इन्हें 25 फरवरी को गिरफ्तार किया गया और बाद में बोरीवली स्थित अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी अदालत में पेश किया गया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक फल विक्रेता फलों पर ‘रैटोल’ नाम का जहरीला रासायनिक पदार्थ लगाते हुए दिखाई दे रहा था. इस वीडियो को किसी ने एक व्हाट्सऐप पर एक सियासी ग्रुप में शेयर किया गया था. इसके बाद पेशे से व्यवसायी और स्थानीय नेता कुनाल शिवाजी सालुंखे ने शिकायत दर्ज कराई है.
शिकायतकर्ता कुनाल शिवाजी सालुंखे (39) ने बताया कि यह वीडियो 24 फरवरी की शाम एक वार्ड ग्रुप में पोस्ट किया गया था. जानकारी मिलने के बाद वह अन्य लोगों के साथ राजनपाड़ा, मलाड पश्चिम स्थित पनहलाल घोष मार्ग पर अक्षरधाम सोसायटी पहुंचे. वहां उन्होंने कथित रूप से दोनों विक्रेताओं को बिक्री के लिए रखे गए फलों पर जहरीला रासायनिक पदार्थ लगाते हुए पाया.
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि उन्होंने जहरीले रसायन का इस्तेमाल किया था, लेकिन उनका दावा था कि यह सिर्फ रात में चूहों को फलों से दूर रखने के लिए लगाया जाता था. उनका कहना था कि यह दवा खराब फलों पर टोकरी के बाहर लगाई जाती थी, ताकि चूहे पास न आएं.
हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौके से जो पदार्थ बरामद किया गया, वह “रैटोल” था, जो चूहों को मारने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला जहर है. पुलिस के मुताबिक, खाद्य पदार्थों पर इस तरह के जहर का इस्तेमाल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है. घटनास्थल से इस रसायन की एक बोतल भी जब्त की गई है.
शिकायत के आधार पर मलाड पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 274, 275 और 286 के तहत एफआईआर दर्ज की है. ये धाराएं जीवन को खतरे में डालने और खाद्य पदार्थों में मिलावट से संबंधित अपराधों से जुड़ी हैं. इसके बाद दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत रिपोर्ट के साथ बोरीवली अदालत में पेश किया गया. मलाड पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.




