भोंपूराम खबरी,देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य की 50 या उससे अधिक श्रमिकों को नियोजित करने वाली अभियंत्रण इकाइयों एवं उद्योगों में कार्यरत कर्मकारों के लिए नई न्यूनतम मजदूरी दरें लागू कर दी हैं। यह आदेश 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। श्रम विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार त्रिदलीय समिति की बैठक में सभी पक्षों के बीच विचार-विमर्श के बाद नई दरों पर सहमति बनी।
उत्तराखंड के सिडकुल क्षेत्रों—रुद्रपुर, पंतनगर, काशीपुर और हरिद्वार—में श्रमिकों की वेतन संबंधी मांगों की अनदेखी जारी रही तो प्रदेश में भी हालात विस्फोटक हो सकते हैं।
बढ़ते श्रमिक असंतोष को देखते हुए सरकार ने मामले की गंभीरता को समझा और त्वरित संज्ञान लेते हुए नई न्यूनतम मजदूरी दरों का शासनादेश जारी कर दिया।
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जारी आदेश के मुताबिक अब अभियंत्रण इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों को मूल वेतन और समायोजित महंगाई भत्ते (डीए) सहित निम्न दरों पर न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी—
अकुशल श्रमिक: ₹13,800 प्रतिमाह
अर्द्धकुशल श्रमिक: ₹15,000 प्रतिमाह
कुशल श्रमिक: ₹16,900 प्रतिमाह
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य की गैर-अभियंत्रण इकाइयों के लिए वर्ष 2024 में वेतन पुनरीक्षण पहले ही किया जा चुका था, इसलिए इस बार केवल अभियंत्रण क्षेत्र की इकाइयों के लिए संशोधित मजदूरी दरें तय की गई हैं।
सरकार ने इस संबंध में पूर्व में जारी सभी अधिसूचनाओं और आदेशों को निरस्त करते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है। आदेश उत्तर प्रदेश साधारण खंड अधिनियम 1904 तथा संयुक्त प्रांत औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी किया गया है।
श्रम विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अडांकी द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
औद्योगिक क्षेत्रों जैसे रुद्रपुर, पंतनगर, काशीपुर और हरिद्वार में कार्यरत हजारों श्रमिकों के लिए इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि श्रमिक संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह वृद्धि अभी भी पर्याप्त नहीं है और भविष्य में व्यापक सुधार की आवश्यकता बनी हुई है।




