भोंपूराम खबरी,पन्तनगर। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय द्वारा 21 मई 2026 को सिडकुल, रुद्रपुर स्थित प्रमुख उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से “इंडस्ट्री–एकेडेमिया मीट” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 50 उद्योगों ने सहभागिता की, जिसमें विभिन्न उद्योगों के प्लांट हेड एवं एचआर हेड उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर एस. के. कश्यप ने कहा कि विश्वविद्यालय उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप शोध की प्राथमिकताओं का निर्धारण करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने बताया कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर निर्धारित शोध विषयों को सरकार, उद्योगों तथा किसानों की आवश्यकताओं से सीधे जोड़ा जाएगा, ताकि प्रत्येक शोध कार्य समाजोपयोगी एवं व्यावहारिक परिणाम देने वाला हो।
कुलपति प्रोफेसर एस. के. कश्यप ने उपस्थित उद्योग प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उन्हें पंतनगर परिवार का हिस्सा बताया तथा उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से जुड़ने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में उद्योगों की शोध आवश्यकताओं, प्रशिक्षण जरूरतों तथा कौशल विकास से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई, ताकि विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार कर सके। साथ ही विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप एवं प्रोजेक्ट कार्यों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसी क्रम में आगामी ग्रीष्मावकाश के दौरान लगभग 200 विद्यार्थियों के लिए समर इंटर्नशिप योजना तैयार की गई।
कुलपति ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष एवं रोजगारोन्मुख बनाना है। इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने के साथ-साथ उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेंगे।
कार्यक्रम में “एकेडमिक सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी” की अवधारणा के अंतर्गत स्थानीय वनवासी कन्या छात्रावास की संचालिका सुश्री वर्षा देवी को सम्मानित किया गया। साथ ही समाज सेवा के क्षेत्र में चल रहे सकारात्मक प्रयासों को सहयोग एवं प्रोत्साहन देने पर भी विचार किया गया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के साथ पारस्परिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु अनेक सुझाव दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए इसे भविष्य की व्यापक संभावनाओं से जोड़ा तथा हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।




