भोंपूराम खबरी,नानकमत्ता/सितारगंज पर्वतीय क्षेत्र और मैदानी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से नानकसागर डैम का जलस्तर सामान्य करने के लिए खोले गए फाटक से निकलने वाले पानी से यूपी के गांव की आफत आ गई। उत्तर प्रदेश के कई अधिकारियों ने नानकसागर डैम के कंट्रोल रूम में डेरा डाल लिया। बीती रात से पर्वतीय क्षेत्र में मैदानी क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है,
जिसके चलते नानकसागर डेम जो कि कई नदियों से जुड़ता है, जिसमें कामन नदी, निहाई नदी, देवहां नदी के अलावा कई नदियों का पानी आता है, पर्वतीय क्षेत्रें व मैदानी क्षेत्र में लगातार कई दिनों की बरसात से नानकसागर डैम का जलस्तर सोमवार को एकाएक बढ़ गया, डैम के जलस्तर को सामान्य करने के लिए नानकसागर कंट्रोल रूम से डैम के कई फाटक खोल दिए गए, ताकि नानकसागर डैम में पानी का जलस्तर न ज्यादा हो जाए जिससे डैम के टूटने का खतरा बढ़ सकता है, सोमवार को सुबह से ही नानकसागर डैम के कई फाटक खोलने से उत्तर प्रदेश के कई अधिकारियों में हड़कंप बच गया। वहीं बैगुल डैम में भी जल स्तर काफी बढ़ गया है डेम से छोड़े गए पानी से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के कई गांव डूबने की आशंका व्यक्त हो गई थी, जिस कारण उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने नानकसागर डेम पर अपना डेरा डाल दिया। उन्होंने कंट्रोल रूम के कक्ष में बैठकर डैम में पहाड़ से आने वाले पानी की स्थिति देखते हुए दोपहर बाद फाटक कुछ काम पानी छोड़ने के लिए प्रयास कर पीलीभीत के गांव को बाढ़ से डूबने से बचने का प्रयास किया। वही नानकसागर जलाशय से छोड़े जा रहे हैं पानी को देखने के लिए दूर-दूर से सैलानी पहुंच रहे थे। गौरतलब है कि रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी नानकसागर डैम का निरीक्षण कर जलस्तर का जायजा लिया था, और सिचाई विभाग के उच्च अधिकारियों को मौसम को देखते हुए जल स्तर को कम करने के निर्देश दिए थे। दोनों ही जलाशयों के अफसरों ने बताया कि पहाड़ों पर बारिश होने से खतरा उत्पन्न हो सकता हैं। चेतावनी के बाद मंगलवार तक विभाग अलर्ट है। नानक सागर डैम के एसडीओ पुनीत गुप्ता ने कहा कि नानकसागर डैम में 702 फिट पानी मापा गया हैं। जिसमें से डैम की सुरक्षा को लेकर 16951 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे पीलीभीत जनपद के कई इलाकों में जलभराव के हालात बन गए हैं। चार घंटे से डैम की स्थिति सामान्य बनी हुई है। पहाड़ों में बारिश होने पर डैम ओवरफ्लो हो सकता हैं। बैगुल डैम के सहायक अभियंता दिनेश कुमार ने कहा कि डैम में अभी 208 फिट पानी का भंडारण हैं। जिसमें से 2000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद विभाग अलर्ट है, डैम का मेंटेन, नहरों का मेंटेन इससे सुरक्षित हैं। बैगुल डैम के पानी से बरेली, शाहजहांपुर जिले तक सिंचाई कार्य होते हैं।




