Friday, September 4, 2026

विधायक तिलक राज बेहड़ ने भारत निर्वाचन आयोग से किच्छा विधानसभा में लगभग 2700 ऑनलाइन फॉर्म-7 आपत्तियों की निष्पक्ष जांच एवं तत्काल निरस्तीकरण की मांग की

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भोंपूराम खबरी,किच्छा।  विधायक श्री तिलक राज बेहड़ ने किच्छा विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ऑनलाइन दर्ज की गई लगभग 2700 फॉर्म-7 आपत्तियों को अत्यंत गंभीर विषय बताते हुए कहा कि उनके निर्देश पर बी.एल.ए.-1 श्री भूपेन्द्र पाल सिंह के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड एवं मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ई.आर.ओ.), किच्छा को विस्तृत ज्ञापन प्रेषित कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की गई है।

 

 

विधायक श्री बेहड़ ने कहा कि 05 अगस्त को उन्होंने इस गंभीर मामले को मीडिया के माध्यम से प्रमुखता से उठाया था, लेकिन इसके बावजूद उसी दिन 269 नई ऑनलाइन फॉर्म-7 आपत्तियां और दर्ज कर दी गईं। इन 269 आपत्तियों की सूची भी मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ई.आर.ओ.), किच्छा को उपलब्ध करा दी गई है। इससे स्पष्ट है कि मामला अत्यंत गंभीर है और तत्काल उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।

 

 

उन्होंने कहा कि 02 अगस्त से 05 अगस्त 2026 तक प्रकाशित फॉर्म-10 के अनुसार अब तक लगभग 2700 ऑनलाइन फॉर्म-7 आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं। बी.एल.ए. द्वारा जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज दिखाई गई हैं, उनमें से अनेक लोगों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया गया। अधिकांश मतदाताओं ने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्होंने स्वयं कोई ऑनलाइन फॉर्म-7 आपत्ति दर्ज नहीं कराई है और न ही किसी अन्य व्यक्ति को इसके लिए अधिकृत किया है। यदि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उनके नाम का दुरुपयोग कर फर्जी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ गंभीर खिलवाड़ है।

 

 

विधायक श्री बेहड़ ने कहा कि प्राप्त शिकायतों के अनुसार संबंधित मतदाताओं के मोबाइल पर ओटीपी सत्यापन किए बिना तथा आवश्यक पहचान-पत्र एवं दस्तावेजों के अभाव में भी ऑनलाइन फॉर्म-7 आवेदन स्वीकार किए जाने की आशंका है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो यह निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

 

 

उन्होंने मांग की कि लगभग 2700 संदिग्ध ऑनलाइन फॉर्म-7 आपत्तियों तथा 05 अगस्त को दर्ज 269 नई आपत्तियों की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच पूरी होने तक इन आपत्तियों पर कोई कार्रवाई न की जाए तथा फर्जी अथवा नियमों के विपरीत पाई जाने वाली सभी आपत्तियों को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही प्रत्येक मामले में विधि अनुसार संबंधित आपत्तिकर्ता को फॉर्म-13 एवं संबंधित मतदाता को फॉर्म-14 के माध्यम से नोटिस जारी कर निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जाए।

 

 

विधायक श्री तिलक राज बेहड़ ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति, एजेंसी अथवा संगठित गिरोह द्वारा फर्जी, भ्रामक अथवा दुर्भावनापूर्ण तरीके से मतदाताओं के नाम हटाने के उद्देश्य से ऑनलाइन फॉर्म-7 आपत्तियां दर्ज कराए जाने की पुष्टि होती है, तो उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से इस प्रकार खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

उन्होंने कहा कि मतदाता का अधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। किसी भी मतदाता का नाम फर्जी तरीके से मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग से पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने, सभी फर्जी आपत्तियों को तत्काल निरस्त करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

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