Friday, September 4, 2026

786.73 करोड़ के मास्टर ड्रेनेज प्लान को मिली मंजूरी

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। दशकों से हर बरसात में जलभराव की समस्या झेल रहे रुद्रपुर शहर के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद रुद्रपुर के बहुप्रतीक्षित मास्टर ड्रेनेज प्लान को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली व्यय वित्त समिति ने करीब 786.73 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही शहर में आधुनिक जल निकासी व्यवस्था विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। प्रथम चरण में 441.79 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य शुरू किया जाएगा।

यह उपलब्धि महापौर विकास शर्मा के लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। महापौर लगातार शासन और प्रशासन के समक्ष इस मुद्दे को उठाते रहे। उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से व्यक्तिगत मुलाकात कर शहर को स्थायी जल निकासी व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। अब इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति मिलने से रुद्रपुर को भविष्य में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

रुद्रपुर शहर में हल्की बारिश के बाद भी मुख्य बाजार, गांधी पार्क, गल्ला मंडी, कलेक्ट्रेट क्षेत्र, खेड़ा, जगतपुरा, ट्रांजिट कैंप तथा अन्य निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन जाती है। नगर निगम प्रत्येक वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन पुरानी और अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था के कारण समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा था। तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए एक वैज्ञानिक एवं आधुनिक मास्टर ड्रेनेज प्लान की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

सिंचाई विभाग ने जीआईएस आधारित स्टॉर्म वाटर मास्टर ड्रेनेज सिस्टम के तहत रुद्रपुर सहित अन्य शहरों के लिए 1857.23 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की थी। व्यय वित्त समिति ने परीक्षण के बाद इसमें आवश्यक संशोधन करते हुए रुद्रपुर के लिए 786.73 करोड़ रुपये की डीपीआर को मंजूरी दी। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

महापौर विकास शर्मा ने बताया कि प्रथम चरण की 441.79 करोड़ रुपये की योजना में शहर के जोन एक और जोन दो के कार्यों पर 184.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिन्हें प्रथम प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं जोन तीन और जोन चार के लिए 255.38 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को द्वितीय प्राथमिकता में शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत शहर के 23 मौजूदा प्रमुख नालों का चौड़ीकरण, गहरीकरण और पुनर्निर्माण कर उनकी जल निकासी क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा 20 नए प्रमुख नालों तथा 41 अन्य महत्वपूर्ण नालों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार कुल 61 नए ड्रेनेज चौनल विकसित होंगे। योजना में लगभग 67 किलोमीटर लंबे सेकेंड्री ड्रेनेज नेटवर्क का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर के प्रत्येक क्षेत्र का वर्षा जल मुख्य नालों तक पहुंच सकेगा।

योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों में पांच आधुनिक पंपिंग स्टेशन स्थापित करना है। इन पंपिंग स्टेशनों के माध्यम से निचले इलाकों में जमा वर्षा जल को तेजी से मुख्य ड्रेनेज प्रणाली और नदियों तक पहुंचाया जाएगा। प्रस्तावित पंपिंग स्टेशन कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास, मुख्य बाजार, गल्ला मंडी रोड, गांधी पार्क, रुद्रपुर रोड जगतपुरा, शिमला बहादुर तथा खेड़ा स्थित कादरी मस्जिद क्षेत्र के आसपास विकसित किए जाएंगे, जिससे सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में जलभराव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा।

मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत शहर को चार जोन में विभाजित कर वैज्ञानिक आधार पर जल निकासी तंत्र विकसित किया जाएगा। योजना में 23 मौजूदा प्रमुख ड्रेन जिनकी कुल लंबाई 21.90 किलोमीटर है, उनका उन्नयन किया जाएगा। इसके अलावा 20 नए प्रमुख ड्रेन 31.02 किलोमीटर, 41 अन्य महत्वपूर्ण ड्रेन 33.70 किलोमीटर तथा 67 किलोमीटर लंबा सेकेंड्री ड्रेनेज नेटवर्क विकसित होगा। पूरे सिस्टम के संचालन के लिए पांच पंपिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।

महापौर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रुद्रपुर के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि शहर को स्मार्ट, आधुनिक और जलभराव मुक्त बनाने की दिशा में यह सबसे बड़ी आधारभूत परियोजना साबित होगी। जल्द ही परियोजना के लिए बजट जारी होने के बाद निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी और निर्माण कार्य शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य केवल अस्थायी समाधान नहीं बल्कि आने वाले कई दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक जल निकासी प्रणाली विकसित करना है। मास्टर ड्रेनेज प्लान लागू होने के बाद बरसात के दौरान शहर की सड़कें, बाजार और आवासीय क्षेत्र जलभराव से मुक्त होंगे, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह परियोजना रुद्रपुर के सुनियोजित शहरी विकास और स्मार्ट सिटी की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत योजनाओं में से एक साबित होगी।

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.