Thursday, January 8, 2026

कॉमर्शियल वाहनों की मैनुअल फिटनेस बंद, केवल एटीएस पर होगी टेस्टिंग, जानें किन जिलों में सुविधा

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भोंपूराम खबरी। कॉमर्शियल वाहनों की मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया पूर्ण रूप से बंद होने से उत्तराखंड के चार लाख से अधिक वाहन स्वामियों को परेशानी भी उठानी पड़ सकती है। राज्य के कई पर्वतीय जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन नहीं हैं। ऐसे में उन्हें वाहन की जांच के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ेगा। बता दें कि मैनुअल फिटनेस पर सवाल उठने के बाद केंद्र सरकार ने व्यावसायिक वाहनों की ऑटोमेटेड फिटनेस कराने के निर्देश दिए थे। इसके तहत अब उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के देहरादून,हरिद्वार व कुमाऊं के चम्पावत और नैनीताल में दो महीने पहले एटीएस पर फिटनेस शुरू हो गई थी। अब इसे पूरे प्रदेश में अनिवार्य कर दिया गया है। अभी तक लोग अपने कॉमर्शियल वाहन की फिटनेस जांच नजदीकी आरटीओ कार्यालय में करा लेते थे। अब नया नियम लागू होने के बाद पर्वतीय इलाकों के लोगों को अपने वाहनों की टेस्टिंग के लिए मैदानी इलाकों में जाना पड़ेगा। इससे उनका समय और धन दोनों बर्बाद होंगे। वाहन स्वामियों ने जल्द ही सभी जिलों में एटीएस स्थापित करवाने की मांग भी उठाई है। बता दें कि उत्तराखंड में चार लाख 17 हजार कॉमर्शियल वाहन हैं। पहली बार वाहनों की फिटनेस दो साल में होती है। इसके बाद हर साल वाहनों की फिटनेस करवानी पड़ती है।

यहां होगी वाहनों की फिटनेस जांच

नया नियम लागू होने के बाद अब उत्तराखंड में पौड़ी, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग जिले के वाहनों की फिटनेस दून के सेलाकुई, लालतप्पड़, हरिद्वार और रुड़की में बने निजी एसटीएस पर होगी। कुमाऊं के जिलों के वाहनों की फिटनेस नैनीताल और चम्पावत के एटीएस सेंटरों पर होगी। देहरादून के आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी के मुताबिक अब वाहनों की मैनुअल फिटनेस बंद हो गई है। सभी वाहनों की फिटनेस एटीएस पर ही होगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ी जिलों में एटीएस खोलने की तैयारी है। कुछ जगह मशीनें लगने वाली हैं।

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