Saturday, September 5, 2026

संभल: जेल में बंद शख्‍स को मुठभेड़ में किया अरेस्‍ट! इंस्‍पेक्‍टर समेत 12 पुलिसवालों पर कोर्ट सख्‍त

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भोंपूराम खबरी,संभल। यूपी के संभल जिले में पुलिस का अनोखा खेल सामने आया है। 25 अप्रैल, 2022 को दूध विक्रेता दुर्वेश से 1 लाख रुपये की लूट हुई। पुलिस ने इस केस में फर्जी मुठभेड़ दिखाकर ओमवीर और ऋषिपाल को अरेस्ट किया। ओमवीर पहले से किसी और मामले में 11 अप्रैल से 12 मई 2022 तक बदायूं जेल में बंद था। कोर्ट ने मुठभेड़ फर्जी मानते हुए 2 इंस्पेक्टर, 4 दरोगा सहित 12 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।

मामल की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया 25 अप्रैल 2022 की लूट की तारीख पर ओमवीर जिला कारागार बदायूं में बंद था। इसके बावजूद उसे लूट की घटना में दर्शा कर चालान किया गया। आरोप है कि जांच के बीच षड्यंत्र रचते हुए 7 जुलाई 2022 को फर्जी मुठभेड़ दर्शाई गई और 19 बाइकों की झूठी बरामदगी दिखाकर ओमवीर को आरोपी बना दिया गया। उच्च अफसरों से शिकायतों के बाद कार्रवाई नहीं करने पर ओमवीर ने कोर्ट की शरण ली।

 

तत्‍कालीन सीओ को कोर्ट ने किया बरी

अदालत ने शपथ पत्र,रिमांड और जमानत आदेश,एफआईआर की नकल समेत अन्य अभिलेखों का अवलोकन करते हुए स्पष्ट किया कि पद का दुरुपयोग कर किए गए आपराधिक कृत्यों को वैधानिक संरक्षण नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने प्रकरण में तत्कालीन सीओ बहजोई गोपाल सिंह के विरुद्ध प्रथम दृष्टता अपराध न पाए जाने बात कही।

इन पुलिसकर्मियों पर दर्ज होगा केस

अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ अवैध विवेचना,दस्तावेजों की कूटरचना और पद के दुरुपयोग जैसे संज्ञेय अपराध प्रथम दृष्टता बनते पाए। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने थाना बहजोई के तत्कालीन इंस्पेक्टर पंकज लवानिया, तत्कालीन उपनिरीक्षक प्रबोध कुमार, तत्कालीन निरीक्षक अपराध राहुल चौहान,तत्कालीन वरिष्ठ उपनिरीक्षक नरेश कुमार, तत्कालीन उपनिरीक्षक नीरज कुमार मात्तोदकर, तत्कालीन उपनिरीक्षक जमील अहमद,पुलिसकर्मी वरुण, मालती चौहान,आयुष, राजपाल, दीपक कुमार और तत्कालीन मुख्य आरक्षी रूपचंद्र के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है।

 

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