Friday, September 4, 2026

नवरात्रि की महा नवमी, जान लें पूजा का शुभ मुहूर्त और हवन विधि मंत्र सहित

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी। महा नवमी नवरात्रि पर्व का आखिरी दिन होता है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री (Maa Siddhidatri) की पूजा की जाती है। इस साल नवमी तिथि 30 सितंबर 2025 की शाम 06:06 से 1 अक्तूबर 2025 की शाम 07:01 बजे तक रहेगी। नवरात्रि की नवमी को भक्त सुबह मां सिद्धिदात्री की विधि विधान पूजा करके हवन करते हैं। फिर इसके बाद कन्याओं का पूजन किया जाता है। कहते हैं बिना हवन पूजन (Navami Havan Pujan) और कन्या पूजन (Kanya Pujan) के माता रानी की उपासना अधूरी मानी जाती है। यहां हम आपको बताएंगे नवरात्रि की नवमी के बारे में हर एक जानकारी।

महा नवमी पूजा मुहूर्त 2025 (Maha Navami Puja Muhurat 2025)

नवरात्रि की नवमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त 1 अक्टूबर की सुबह 06:29 से शाम 06:27 बजे तक रहेगा। इस दौरान आप कभी भी कन्या पूजन और हवन पूजन कर सकते हैं।

 

नवरात्रि के नौवें दिन का रंग (Navratri Day 9 Colour)

नवरात्रि के नौवें दिन लाल और नारंगी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

 

नवरात्रि के नौवें दिन का भोग (Navratri Day 9 Bhog)

नवरात्रि के नौवें दिन माता रानी को हलवा, पूरी और चने का भोग लगाना चाहिए।

 

नवरात्रि के नौवें दिन का मंत्र (Navratri Day 9 Mantra)

-ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥

 

स्तुति

 

-या देवी सर्वभू‍तेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

 

महा नवमी हवन मंत्र (Maha Navami Hawan Mantra)

ओम गणेशाय नम: स्वाहा

ॐ केशवाय नमः

ॐ नारायणाय नमः

ॐ माधवाय नमः

ओम गौरियाय नम: स्वाहा

ओम नवग्रहाय नम: स्वाहा

ओम दुर्गाय नम: स्वाहा

ओम महाकालिकाय नम: स्वाहा

ओम हनुमते नम: स्वाहा

ओम भैरवाय नम: स्वाहा

ओम कुल देवताय नम: स्वाहा

ओम स्थान देवताय नम: स्वाहा

ओम ब्रह्माय नम: स्वाहा

ओम विष्णुवे नम: स्वाहा

ओम शिवाय नम: स्वाहा

ओम जयंती मंगलाकाली, भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा

स्वधा नमस्तुति स्वाहा।

ओम ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च: गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु स्वाहा।।

ओम गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवा महेश्वर: गुरु साक्षात् परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम: स्वाहा।

ओम शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे, सर्व स्थार्ति हरे देवि नारायणी नमस्तुते।।

नवमी कन्या पूजन विधि (Navami Kanya Pujan Vidhi)

नवरात्रि की नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। कन्या पूजन से पहले माता रानी का पूजन और हवन किया जाता है। इसके बाद छोटी कन्याओं को घर में बुलाकर पूरी श्रद्धा से उन्हें खाना खिलाया जाता है। साथ ही उन्हें कुछ न कुछ गिफ्ट दिए जाते हैं।

 

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.