Friday, September 4, 2026

जेल में बंद ग्राम प्रधान पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप, विधायक तिलक राज बेहड़ ने DSC दुरुपयोग की जांच की मांग की

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भोंपूराम खबरी,किच्छा – क्षेत्रीय विधायक तिलक राज बेहड़ ने दरऊ ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान नाजिया बी को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए सनसनीखेज खुलासे किये हैं। प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए विधायक ने दावा किया कि नाजिया बी 13 दिसंबर 2025 से पौड़ी, उत्तराखंड की जेल में निरुद्ध हैं, इसके बावजूद उनके नाम से ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित हुए और भुगतान भी जारी किए गए।

प्रेसवार्ता में विधायक बेहड़ ने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए बताया कि ग्राम प्रधान नाजिया बी को पूर्व में धोखाधड़ी के मामलों में कोटद्वार से गिरफ्तार कर पौड़ी जेल भेजा गया था। उनके अनुसार नाजिया बी के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हैं- एफआईआर संख्या 0173 – धारा 406, 420 (कोतवाली कोटद्वार), एफआईआर संख्या 0120 – धारा 420, 467, 468, 471 (कोतवाली कोटद्वार), एफआईआर संख्या 0060 (वर्ष 2025) – धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट

विधायक तिलक राज बेहड़ ने आरोप लगाया कि कोटद्वार क्षेत्र में प्रॉपर्टी के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी के मामले भी दर्ज हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में एक पुलिस कर्मचारी को ब्लैकमेल करने का मामला भी सामने आया था।

विधायक बेहड़ ने बताया कि नाजिया बी का पहला निकाह अफजलगढ़ निवासी आसिफ से हुआ था, बाद में उन्होंने बिजनौर निवासी वसीम से दूसरा निकाह किया। विधायक के अनुसार, बाद में पहले पति के विरुद्ध दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। वर्ष 2023 में दरऊ निवासी अब्दुल गफ्फार खान से तीसरा निकाह होने की बात भी उन्होंने कही।

विधायक ने सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि जब ग्राम प्रधान 13 दिसंबर 2025 से जेल में हैं, तो ग्राम पंचायत दरऊ में विकास कार्यों के प्रस्ताव किसने भेजे और उन पर हस्ताक्षर किसने किए ? उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार प्रधान अपना प्रतिनिधि नियुक्त नहीं कर सकता, ऐसे में प्रस्ताव और भुगतान की प्रक्रिया संदेहास्पद है।

उनके अनुसार 30 दिसंबर 2025 से 24 फरवरी 2026 के बीच 14 बिलों के माध्यम से भुगतान किए गए, जिनका विवरण इस प्रकार है: 30 दिसंबर – 28,000, 5 जनवरी – 10,500, 7 जनवरी -11,655, 14 जनवरी – 1,53,537, 14 जनवरी – 1,86,641, 14 जनवरी 1,72,483

3 फरवरी – 88,129, 3 फरवरी – 2,14,750, 3 फरवरी – 10,580, 17 फरवरी –11,700,17 फरवरी – 7,060, 24 फरवरी – 46,500, 24 फरवरी – 49,500, 24 फरवरी – 49,500 . विधायक का दावा है कि इस अवधि में लगभग 10 लाख रुपये से अधिक की धनराशि का लेन-देन हुआ।

विधायक बेहड़ ने कहा कि जब प्रधान जेल में थीं, तो उनकी डिजिटल सिग्नेचर (DSC) को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक स्तर पर निरस्त किया जाना चाहिए था, ताकि किसी भी प्रकार का वित्तीय लेन-देन रोका जा सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से DSC निरस्त नहीं की गई, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा हुई है।

विधायक ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की कि ग्राम प्रधान के चुनाव के दौरान दायर शपथ पत्र में इन आपराधिक मामलों का उल्लेख किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच कराई जाए।

विधायक तिलक राज बेहड़ ने चेतावनी दी, कि यदि तीन दिनों के भीतर इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देने को बाध्य होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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