Friday, September 4, 2026

खटीमा में NHPC के रिटा मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 18 लाख, हल्द्वानी में महिला को गूगल से नंबर लेना पड़ा महंगा

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भोंपूराम खबरी,खटीमा। नेशनल हाइड्रोइलेक्टिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) के रिटायर्ड मैनेजर को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर दिया. इस दौरान उनसे 18 लाख रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. रिटायर्ड मैनेजर को अपने साथ ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत इस मामले की तहरीर खटीमा कोतवाली पुलिस को दी.

इस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया. जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उन्हें साइबर सेल के माध्यम से होल्ड करवा दिया है. खटीमा के चकरपुर निवासी पीड़ित ने पुलिस से उक्त मामले में कार्रवाई कर उनके पैसों को वापस दिलाए जाने की गुहार लगाई है. फिलहाल पुलिस मामले ही जांच में जुट चुकी है।

एनएचपीसी के रिटायर्ड मैनेजर को किया डिजिटल अरेस्ट: खटीमा कोतवाली क्षेत्र निवासी NHPC के रिटायर्ड कर्मी को डिजिटल अरेस्ट कर 18 लाख की ठगी का मामला सामने आया है. पीड़ित व्यक्ति एक वर्ष पूर्व ही एनएचपीसी से मैनेजर पद से रिटायर हुए थे. बिल्हैरी चकरपुर खटीमा निवासी शख्स ने उनके साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में रविवार को खटीमा कोतवाली में एक तहरीर सौंप कर जांच एवं अग्रिम कार्रवाई की गुहार लगाई है.

 

मनी लॉन्ड्रिंग होने की धमकी देकर डराया: तहरीर में बताया गया है कि 4 सितंबर 2025 को फोन के माध्यम से एनएचपीसी के रिटायर्ड मैनेजर को बताया गया कि दिल्ली स्थित केनरा बैंक में उनके खाते से मनी लॉन्ड्रिंग होती है. इसलिए उनके खातों और संपत्तियों की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर की जानी है. वहीं बताया गया कि राहुल गुप्ता एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट (ईडी) उसके केस के मुख्य जांच अधिकारी हैं. इसके साथ ही पीड़ित को कोर्ट के आदेश के क्रम में व्हाट्सएप पर अकेले बात करने के लिए कहा गया.

 

रिटायर्ड मैनेजर से 18 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए: पीड़ित को फर्जी अदालत में व्हाट्सएप के माध्यम से खड़ा करके बताया गया कि उसके सबसे अधिक धनराशि वाले खाते की जांच सीक्रेट सुपरविजन अकाउंट से करने के लिए आरटीजीएस से रुपया ट्रांसफर करना है. इसके उपरांत 18 लाख रुपए इन्डसीन्ड बैंक गोमती नगर ओम संस्कृति गोल्डन इंटल प्राइवेट लिमिटेड के खाता संख्या मे ट्रांसफर करने को कहा गया. पीड़ित ने भयंकर दबाव में आकर अपने एसबीआई चकरपुर के खाते से 6 सितंबर 2025 को 18 लाख रुपए का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से उक्त बैंक खाते में कर दिया।

पीड़ित ने बताया है कि इसके उपरांत जिन नंबरों से उनके पास फोन आए थे, उन नंबरों पर कोई संपर्क नहीं हो रहा है. इसके बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि वह ठगी शिकार हो गया है. वहीं अब 18 लाख की ठगी के शिकार पीड़ित ने कोतवाली खटीमा में एक तहरीर सौंप कर रिपोर्ट दर्ज करने, धनराशि वापस लाने और उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है.

 

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा: तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खाते को होल्ड कर दिया है. वहीं खटीमा कोतवाल मनोहर सिंह दसौनी के अनुसार-

 

पीड़ित पक्ष की तहरीर पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जैसे वर्तमान में धोखाधड़ी के मामलों में जागरूक होने या उन झासों में आम जनता से ना आने की अपील की है.

-मनोहर सिंह दसौनी, कोतवाल-

हल्द्वानी में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाली महिला ठगी गई: इधर हल्द्वानी में भी साइबर ठगी का मामला सामने आया है. एक महिला ने ऑनलाइन सलवार सूट तो खरीद लिया, लेकिन फिट नहीं आने पर खरीदा गया सामान वापस करने के चक्कर में महिला के साथ लाखों की धोखाधड़ी हो गई. महिला ने खरीदे गए सामान को वापस करने के लिए गूगल में नंबर सर्च किया और उसमें दिए गए नंबर पर फोन कर जब सूट वापस करने की प्रक्रिया की तो महिला के अकाउंट से डेढ़ लाख रुपये कट गए. महिला को ऑनलाइन सूट खरीदना महंगा पड़ गया है और महिला ऑनलाइन सूट खरीदने के बाद पछता रही है. महिला के शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल को भेजा है. अब इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.ल।

ऑनलाइन शॉपिंग में सलवार सूट खरीदा था: बताया जा रहा है कि बेड़ापोखरा पंचायत घर निवासी एक महिला ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर दी है कि 5 अगस्त को उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी मीशो से एक लेडीज सूट खरीदा था. सूट घर पहुंचा तो उन्हें पसंद नहीं आया और उसे वापस कर रुपए वापस लेने का मन बनाया. 12 अगस्त को उन्होंने गूगल पर जाकर मीशो कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर निकाला और फोन लगा दिया. जिस व्यक्ति से महिला की बात हुई, उसने उन्हें व्हाट्सएप कॉल करने के लिए कहा. महिला व्हाट्सएप पर बात कर रही थी तभी उसने मोबाइल पर स्क्रीन शेयर करने को कहा।

गूगल से लिया नंबर साइबर ठग का था: कथित कस्टमर केयर वाला जो कहता गया महिला करती गई. उसने कुछ जगह पर क्लिक कराये और फिर मोबाइल के पहले 5 अक्षर लिखने को कहा जिसके बाद उतने ही रुपए महिला के बैंक खाते से कट गए. इसके बाद जालसाज ने खाते से कटा पैसा वापस करने का झांसा देकर उलझाए रखा और बैंक खाते से पैसे निकालता रहा. जालसाज ने चार बार में महिला के खाते से कुल 1,49,775 रुपये निकाल लिए. खास बात तो यह है कि इतने ट्रांजेक्शन हुए लेकिन मोबाइल पर बैंक की ओर से कोई मैसेज नहीं आया.

साइबर ठग ने महिला को लगाई डेढ़ लाख की चपत: महिला ने जब अपना अकाउंट चेक किया तो उसका अकाउंट खाली हो चुका था. घटना के तुरंत बाद महिला ने साइबर ऑफिस और 1930 पर सूचना दी. महिला के तहरीर पर पुलिस ने जांच की लेकिन महिला का पैसा वापस नहीं हो पाया. कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि-

महिला की तहरीर पर मामला दर्ज कर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया गया है. साइबर अपराधी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. साइबर अपराध को लेकर लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. उसके बावजूद भी बहुत से लोग जालसाजों के झांसे में आकर अपनी जमा पूंजी गंवा रहे हैं. लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि अनजान व्यक्ति से किसी प्रकार का कोई लिंक शेयर ना करें. उसके बावजूद भी लोग जालसाजों के झांसे में आ रहे हैं.

-राजेश कुमार यादव, कोतवाल-

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