Friday, September 4, 2026

IIT खड़गपुर में छात्र की मौत के मामले पर HC ने डायरेक्टर को लगाई फटकार

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भोंपूराम खबरी। कोलकाता: आईआईटी खड़गपुर के हॉस्टल में पिछले साल अक्टूबर में एक छात्र की सड़ी-गली लाश मिलने के मामले में 20 जनवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) में सुनवाई हुई. मामले की जांच के बाद कोर्ट में नई रिपोर्ट पेश की गई. इस रिपोर्ट पर अदालत ने आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) के डायरेक्टर को जमकर फटकार लगाई. कोर्ट ने डायरेक्टर से कहा, “क्या एक प्रमुख संस्थान का निदेशक ऐसा व्यवहार करता है? क्या आपके बच्चे हैं?”

इसके जवाब में आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर ने कहा, “हां सर, मेरे दो बेटे हैं” इसपर अदालत ने कहा कि लड़के के माता-पिता इतने गरीब हैं कि उनके पास यहां आने और अदालत में पेश होने के पैसे नहीं हैं. घटना से निपटने के लिए आईआईटी डायरेक्टर के तरीके पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा,‘आपको पता होना चाहिए था कि बेहतर क्षमता वाले बच्चे यहां आते हैं. विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से बच्चे IIT में पढ़ने आते हैं. वे आसानी से दूसरे बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स के साथ घुल-मिल नहीं पाते.’

कलकत्ता हाईकोर्ट ने IIT खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के छात्र फैजान अहमद के माता-पिता द्वारा दायर याचिका की सुनवाई में डायरेक्टर को उपस्थित होने का आदेश दिया था. लेकिन डायरेक्टर पेश नहीं हुए थे. मृतक छात्र के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि संस्थान के परिसर में उनके बेटे की मौत हत्या का स्पष्ट मामला है. अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी वह रैगिंग का शिकार हो गया था.

IIT खड़गपुर में छात्र की मौत के मामले पर HC ने डायरेक्टर को लगाई फटकार

इसपर बेंच ने सवाल किया, “ज्यादा अहम क्या है? हाईकोर्ट के सामने पेश होना या टोक्यो जाना?” इसपर डायरेक्टर के वकील ने अदालत को सूचित किया कि वह एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में वहां जा रहे हैं।

इससे पहले अदालत ने पिछले साल एक दिसंबर को रैगिंग की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने के लिए भी डायरेक्टर को फटकार लगाई थी. क्योंकि शिकायत के कुछ दिन बाद छात्र की मौत हो गई थी.अदालत ने आज पुलिस से भी कहा कि ‘हम इस मामले में कोई नरमी नहीं देख सकते. यह इस अदालत का विनम्र अनुरोध है. कृपया कोई पक्ष न लें.’

आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर बोले- चूक नहीं होगी। इस पर आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि वह संस्थान के बच्चों को अपने बच्चे मानते हैं, और कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा, “मेरे लिए सभी छात्र मेरे बेटे और बेटियां हैं. अदालत ने कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है और हम पूरी जांच करेंगे. कोई चूक नहीं होगी.”

रैगिंग पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि अगर रैगिंग पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक दिशा-निर्देश सही हैं, तो एक हाई पावर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि आईआईटी खड़गपुर द्वारा न केवल इस घटना में, बल्कि भविष्य में उपरोक्त घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए भी कड़े और निवारक उपाय किए जाएंगे.

6 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने कहा कि जांच की स्थिति पर विचार 6 फरवरी को होगा. आईआईटी की भूमिका और उन पर निर्देश पर 13 फरवरी को विचार किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

फैजान अहमद का सड़ता हुआ शव पिछले साल 14 अक्टूबर को एक छात्रावास के कमरे से बरामद किया गया था. अदालत ने आईआईटी निदेशक से एक रिपोर्ट मांगी थी और इसे देखने के बाद कोर्ट ने कहा था कि निदेशक की रिपोर्ट पूरी तरह से भ्रामक है।

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