
भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। ऑडियो प्रकरण में मीना शर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का दर्द और आक्रोश बुधवार को मीडिया के सामने छलक पड़ा। अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में ठुकराल ने जहां एक ओर हाथ जोड़कर मीना शर्मा से सार्वजनिक माफी मांगी, वहीं दूसरी ओर इस पूरी कार्रवाई को एक सुनियोजित राजनैतिक साजिश करार देते हुए पर्दे के पीछे बैठे विरोधियों पर तीखे प्रहार किए। ठुकराल ने बेहद भावुक होते हुए कहा कि इस राजनैतिक लड़ाई में उनकी वृद्ध माता की जान पर बन आई है,

जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे। ठुकराल ने कहा कि डेढ़ साल पुराने इस प्रकरण में उन्होंने पहले ही सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना कर ली थी। उस समय उनकी माता ने भी स्वयं मीना शर्मा के घर जाकर माफी मांगी थी और मामले को सुलझाने का प्रयास किया था। ठुकराल ने रुंधे गले से कहा कि उस घटनाक्रम के बाद से उनकी माता का स्वास्थ्य लगातार गिरता गया और शहर ने देखा कि वे कितनी मानसिक प्रताड़ना से गुजरीं। अब डेढ़ साल बाद अचानक इस मामले को फिर से तूल देने से उनकी माता की स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई है। उनका बीपी बहुत बढ़ गया है, और शुगर भी 400 पार हो गयी है, जिसके चलते उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। ठुकराल ने सीधे तौर पर मीना शर्मा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उन्हें उनके प्राण चाहिए तो वे देने को तैयार हैं, यदि वे राजनीति से हटने को कहें तो वे वह भी कर लेंगे, लेकिन उनकी मां को तिल-तिल मरने के लिए न छोड़ा जाए। आक्रामक रुख अपनाते हुए ठुकराल ने पुलिस- प्रशासन की भूमिका पर भी बड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल पुराने मामले में बिना जांच-पड़ताल के अचानक मुकदमा दर्ज करना और स्वयं उप जिलाधिकारी का कोतवाली पहुंचना यह स्पष्ट करता है कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत किसी के इशारे पर हो रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि ऑडियो की सत्यता का परीक्षण कराया जाना चाहिए। ठुकराल ने दो टूक कहा कि वे जल्द ही इस बात का बड़ा खुलासा करेंगे कि इस खेल के पर्दे के पीछे कौन से चेहरे छिपे हैं। अपने ऊपर लगे पुराने आरोपों का जिक्र करते हुए ठुकराल ने कहा कि उन पर पूर्व में हत्या जैसे झूठे आरोप भी लगाए गए थे, जिनमें 12 साल बाद वे निर्दाेष साबित हुए। उन्होंने बताया कि अब तक उन पर 27 मुकदमे दर्ज हुए हैं, लेकिन हर बार वे पाक-साफ होकर निकले हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर वे आज चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दें, तो सारे विरोधी तुरंत शांत हो जाएंगे। ठुकराल ने अंत में संकल्प दोहराते हुए कहा कि सत्य कुछ समय के लिए प्रताड़ित तो हो सकता है, लेकिन वह कभी पराजित नहीं होगा। इस लड़ाई को वे कानूनी और राजनैतिक दोनों मोर्चों पर मजबूती से लड़ेंगे। चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने 2027 का चुनाव हर हाल में लड़ेंगे और पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे।
ऑडियो क्लीपिंग का जिन्न बाहर आने के बाद पूर्व विधाायक ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के साथ ही अब ठुकराल का गनर भी हटा दिया गया है। बता दें करीब एक वर्ष पूर्व ठुकराल के खिलाफ कांग्रेस नेत्री मीना शर्मा ने तहरीर दी थी जिसमें उन्होंने ठुकराल पर अमर्यादित टिप्पणी का आरोप लगाया था। यह ऑडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। करीब एक साल बाद ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होने की सुगबुगाहट के बीच अचानक फिर से मीना शर्मा ने आडियो प्रकरण पर फिर मोर्चा खेालते हुए बीते दिनों पुलिस को रिमाइंडर तहरीर सौंपी थी, तहरीर के आधार पर कार्रवाई की मांग को लेकर मीना शर्मा ने कोतवाली में समर्थकों के साथ धरना भी दिया जिसके बाद पुलिस ने ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और अब ठुकराल का गनर भी बुधवार को हटा दिया है। ठुकराल ने आज प्रेस काफ़ंफ्ेस में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि जानबूझकर उनसे सुरक्षा हटाई गयी है उन्होनें कहा कि वह इन षडयंत्रें से डरने वाले नहं है पुलिस चाहे तो वह अपना शस्त्र लाईसेंस भी सरेंडर करने को तैयार हैं। ठुकराल ने कहा कि मैंने गनर मांगा नहीं था,मुझे खुद दिया गया था।


