Saturday, September 5, 2026

यहां डीएम की शानदार पहल,लैंड फ्रॉड के लिए सचेतक करेगा आपकी मदद

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भोंपूराम खबरी। सीएम की प्रेरणा से राज्य का प्रथम डेडिकेटेड कंप्यूटर रजिस्ट्री कियोस्क की शुरुआत जनपद देहरादून से  नाम है ‘सचेतक’: डीएम का एक और अभिनव प्रयास।

राजस्व के लिए जनमानस के संग धोखाधड़ी की नही दी जा सकती है छूटः मा0 सीएम की प्रेरणा। भूमि धोखाधड़ी का मुख्य कारण जनमानस को रजिस्ट्री लैण्ड रिकार्ड की पहले से जानकारी न होना-डीएम

अब जनमानस को क्लेक्ट्रेट परिसर में स्थापित कियोस्क से मिलेगी निःशुल्क एवं पुख्ता जानकारी। रजिस्ट्री करवाने से तुरंत पूर्व सुदृढ़ सशक्त हो हमारे जिले के नागरिक जनमन-डीएम। पूर्ण हुआ जन सूचना गैप, भूमि क्रय विक्रय से पूर्व खतौनी, चौहदवी, जियो लोकेशन व वास्तविक स्वामी की जांच की मिली सुविधा

लैंड फ्रॉड को न्यून करने का एक अहम प्रयास।

रजिस्ट्री ऑफिस के समीप बना राज्य का प्रथम डेडिकेटेट ई-कियोस्क ‘सचेतक’, सामान्य नागरिक ई-रजिस्ट्रेशन वेबसाईट से ले पाएंगे भूमि सम्बन्धी जानकारी, जिलाधिकारी ने किया विधिवत उद्घाटन।

डेडिकेटेड कंप्यूटर कियोस्क के माध्यम से टूटेगा बिचौलियों व दलालों की चैन। जनमानस की जागरूकता हेतु रजिस्ट्री से पूर्व किन बिन्दुओं का रखे ध्यान, कार्यालयों पर लगे फ्लैक्स।

देहरादून दिनांक 02 अप्रैल 2025 (जि.सू.का)

मा0 मुख्यमंत्री की प्रेरणा से जनपद में एक के बाद एक अभिनव कार्यों को गति मिल रही है। जिलाधिकारी सविन बंसल के अभिनव प्रयासों से भूमि फर्जीवाड़ा रोकने और आम जनमानस को भूमि क्रय-विक्रय में फर्जीवाड़े से बचाने के लिए राज्य का प्रथम डेडिकेटेड ई-कम्प्यूटर कियोस्क की शुरूआत हो गई है। बुधवार को जिलाधिकारी ने क्लेक्ट्रेट परिसर स्थित रजिस्ट्री आफिस के समीप बने राज्य के प्रथम डेडिकेटेड ई-कियोस्क ‘‘सचेतक’’ का उद्घाटन करते हुए जनता के लिए समर्पित किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनता दरबार, बहुउद्देशीय शिविर एवं अन्य माध्यमों से भूमि धोखाधड़ी के अधिकांश शिकायतें और मामले सामने आ रहे थे। इसका मुख्य कारण भूमि खरीदने वाले लोगों को भूमि के संबंध में पहले से जानकारी नहीं रहती है कि उस भूमि का असली मालिक कौन है। परिसंपत्तियों के रिकॉर्ड के लिए राज्य में एक पोर्टल बना है। जिसमें भूमि संबंधी पूरी जानकारी रहती है। आम लोगों को ई-रजिस्ट्रेशन पोर्टल में एक्सिस करने के लिए साधन, सुविधा की कमी रहती है। हमारा उद्देश्य आज जनमानस तक सुलभ तरीके से इस सुविधा को पहुंचाना था। इसके लिए रजिस्ट्रार एवं स्टॉप रजिस्ट्रेशन अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा की गई और इसके लिए एक डेडिकेटेड कियोस्क तैयार किया गया है। भूमि रजिस्ट्री के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस जाने से पहले भूमि खरीदने वाले वार्यस निःशुल्क इस कियोस्क में भूमि की पुष्टि कर सकते है।

जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि धोखाधडी संबंधी समस्याओं पर इससे अंकुश लगेगा और यह पोटर्ल वार्यस को सशक्त और सुदृढ़ करने में सहायक साबित होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इस ई-कियोस्क का नाम सचेतक रखा गया है और ‘सचेतक’ ई-कियोस्क के नाम से आज इसे जनहित में लांच किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के भी निर्देश है कि आम जनता के लिए जो भी सुविधाएं है, उनको सुगम बनाया जाए। इसी दिशा में सचेतक ई-कियोस्क को जनहित में लांच किया गया है। ताकि संपत्ति क्रय करने वाले आम जन मानस को धोखाधड़ी से बचाया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व बढाना ही नहीं, बल्कि जनमानस को धोखाधड़ी से बचाना भी विभाग की जिम्मेदारी है। जनमानस को जागरूक करने हेतु कलेक्टेªट में विभिन्न स्थानों पर जागरूकता स्लोगन वाले फ्लैक्सी भी लगाए गए है। जिससे जनमानस भूमि क्रय विक्रय करने से पूर्व जानकारी प्राप्त कर सकते है। इस अवसर पर सब रजिस्ट्रार प्रीती मंजली, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कपिल कुमार, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेन्द्र शर्मा सहित स्टाम्प एवं सब रजिस्ट्रार अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

 

 

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