Saturday, September 5, 2026

यहां डेढ़ वर्ष की बच्ची को गुलदार ने बनाया निवाला

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी,पौड़ी।  उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में आदमखोर गुलदारों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हो रहे हमलों ने ग्रामीणों की जिंदगी को डर और असुरक्षा के साए में धकेल दिया है। इसी कड़ी में पौड़ी जिले से एक बेहद दुखद और दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां गुलदार ने डेढ़ साल की मासूम बच्ची को मौत के घाट उतार दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पौड़ी जिले के कोटद्वार तहसील अंतर्गत लैंसडाउन क्षेत्र के जयहरीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरस्वार निवासी डेढ़ वर्षीय याशिका, पुत्री जितेंद्र, शनिवार शाम करीब 6:30 बजे अपने माता-पिता के साथ घर के आंगन में मौजूद थी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक याशिका पर हमला कर दिया। परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले ही गुलदार बच्ची को जबड़े में दबोचकर जंगल की ओर भाग गया।

मासूम को बचाने के लिए पिता जितेंद्र और मां प्रियंका की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और जंगल की ओर तलाश शुरू की। काफी मशक्कत और खोजबीन के बाद रात करीब 9 बजे बच्ची का शव घर से लगभग 20 मीटर दूर झाड़ियों से बरामद हुआ।

घटना के बाद परिजन बच्ची को तत्काल लैंसडाउन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

बताया जा रहा है कि मृतका याशिका ग्राम पंचायत बरस्वार के पूर्व बीडीसी सदस्य वीरेंद्र सिंह की पोती थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद से गांव के लोग सहमे हुए हैं और वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण अब मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। सवाल यह है कि आखिर कब तक पहाड़ के लोग इस डर के साथ जीने को मजबूर रहेंगे?

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.