
भोंपूराम खबरी,लालकुआं। ग्राम 17 एकड़ गांधीनगर बिन्दुखत्ता निवासी विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से आहत मृतका के पिता ने स्थानीय कोतवाली में बेटी के पति, जेठ एवं जेठानी के खिलाफ हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर देकर कोतवाली पुलिस से मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

हल्दूचौड़ जग्गी डी क्लास निवासी दिनेश चंद्र भट्ट एवं भारी संख्या में ग्रामीणों ने कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा को तहरीर सौंपते हुए कहा कि गत दिवस उन्हें बेटी के ससुराल से फोन आया कि उनकी बेटी को चक्कर आया और वह गिर कर बेहोश हो गई है, जिसे वह रुद्रपुर के एक अस्पताल में ले गए हैं, इसके बाद जैसे ही वह रुद्रपुर के अस्पताल में पहुंचे तो उनकी बेटी का शव मोर्चरी में रखा हुआ था, तहरीर में कहा गया है कि 9 दिसंबर 2016 में उनकी बेटी सीमा का विवाह 17 एकड़ गांधीनगर निवासी रमेश कुनियाल के साथ हुआ था, उनकी बेटी के दो बच्चे हैं, जिसमें पुत्र और पुत्री शामिल है। उन्होंने बताया कि 4 वर्ष पूर्व घरेलू विवाद होने के चलते उनकी बेटी ने ससुरालयों की शिकायत पुलिस में की थी, जहां महिला हेल्पलाइन में राजीनामा हो गया।
उन्होंने बताया कि उनके दामाद होटल लाइन में बाहर काम करते थे, जो कि 2 दिन पूर्व ही घर लौटे हैं, उनका कहना है कि उन्हें बेटी के आकस्मिक निधन पर संदेह है, क्योंकि चक्कर आकर गिरने के चलते किसी की मौत नहीं हो सकती है। उन्होंने बेटी के पति जेठ और जेठानी पर बेटी की हत्या का शक जाहिर करते हुए पुलिस को तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने मामले की जांच करते हुए छानबीन शुरू कर दी है। इधर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा का कहना है कि पुलिस द्वारा उक्त मामले की गंभीरता के साथ जांच शुरू कर दी है।
बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच की गुहार लगाते हुए बेबस पिता फफक-फफक कर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक के समक्ष रो पड़ा, तथा काफी देर तक न्याय की गुहार लगता रहा, हल्दूचौड़ निवासी मृतका सीमा के पिता दिनेश भट्ट ने कहा कि मौत से कुछ घंटे पहले उसकी बेटी ने उससे बात की थी, जिसमें वह बिल्कुल सामान्य लग रही थी, तथा उसने लगभग 9 मिनट तक उससे बात की। साथ ही अपनी मां से भी काफी देर बातचीत करती रही। पिता ने बताया कि सब कुछ सामान्य होने के बावजूद अचानक ऐसा क्या हुआ कि उनकी बेटी की जान चली गई, पिता ने मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई, तथा वह बताते बताते कई बार बुरी तरह फफक पढ़ते थे, जिन्हें कोतवाल ब्रजमोहन सिंह राणा ने निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।


