Friday, September 4, 2026

यहां मुर्गी बाड़े में फंसा गुलदार: वन विभाग ने 1 घंटे की मशक्कत के बाद किया ट्रेंकुलाइज

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भोंपूराम खबरी,पौड़ी गढ़वाल। जनपद के मासों तल्ला क्षेत्र में  उस समय भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब एक खूंखार गुलदार ग्रामीणों के मुर्गी बाड़े के भीतर फंस गया। सुनसान सुबह में गुलदार की दहाड़ सुनकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसकी तत्परता से सुसंगत विधिक सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद विभाग की रेस्क्यू टीम पिंजरे और आवश्यक उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम ने गुलदार को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर अपने कब्जे में ले लिया।

मुर्गी बाड़े की जाली तोड़कर घुसा था गुलदार, वन विभाग ने सुरक्षित निकाला

गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी के डीएफओ (DFO) महातिम यादव ने मामले की विधिक पुष्टि करते हुए बताया कि सुबह मासों तल्ला क्षेत्र में गुलदार के बाड़े में फंसे होने की आधिकारिक सूचना मिली थी।

सुरक्षा घेरा बनाया गया: मौके पर जुटी भारी भीड़ को देखते हुए वन विभाग ने सबसे पहले स्थानीय लोगों को घटनास्थल से सुरक्षित दूरी पर रहने की सख्त हिदायत दी।

सफलतापूर्वक किया ट्रेंकुलाइज: विशेषज्ञ डॉक्टरों और वन कर्मियों की टीम ने करीब एक घंटे की विधिक मशक्कत के बाद गुलदार को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज किया।

स्वास्थ्य परीक्षण: डीएफओ के अनुसार, पकड़े गए गुलदार को सुरक्षित रूप से नागदेव रेंज लाया गया है, जहां पशु चिकित्सकों की देखरेख में उसका संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। बाड़े में फंसने के दौरान गुलदार ने नौ मुर्गियों को अपना शिकार बना लिया था।

कृषि और मुर्गी पालन करने वाले अर्जुन सिंह के बाड़े में बीती रात घुसा था गुलदार

मुर्गी बाड़े के स्वामी अर्जुन सिंह रावत ने आपबीती बताते हुए कहा कि उनका परिवार गांव में ही रहकर कृषि, बागवानी और मुर्गी पालन के जरिए अपना जीवनयापन करता है। लेकिन पिछले कुछ समय से गुलदार की धमक ने उनकी आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है।

रावत ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले भी गुलदार ने ग्रामीणों के सामने ही उनके कई मुर्गों को मार डाला था। बीती रात गुलदार बाड़े की सुरक्षा दीवार व जाली को तोड़कर जबरन अंदर घुस गया। उसने कई मुर्गियों को मार डाला और कुछ को अपने साथ उठाकर ले गया, जबकि 9 मुर्गियां बाड़े के भीतर ही मृत अवस्था में मिलीं। सुबह जब वे बाड़े की तरफ गए तो गुलदार को अंदर ही फंसा हुआ पाया।

क्षेत्र में कई गुलदारों की सक्रियता से दहशत; खेतों में जाने से डर रहे ग्रामीण

स्थानीय ग्रामीण शंकर नौटियाल ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए कहा कि यह एक बहुत बड़ा वन क्षेत्र है, जहां पिछले काफी समय से गुलदारों की हिंसक गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। गुलदार पूर्व में आसपास के इलाकों में कई लोगों पर जानलेवा हमले भी कर चुका है और अब वह लगातार पालतू मवेशियों और मुर्गियों को अपना शिकार बना रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर वन विभाग को कई बार लिखित व विधिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस व स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। क्षेत्र में एक से अधिक गुलदारों की मौजूदगी की आशंका के कारण ग्रामीण अपने खेतों और बागानों में काम करने जाने से भी कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और पिंजरे लगाकर अन्य गुलदारों से भी उन्हें विधिक निजात दिलाई जाए।

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